शिक्षकों का सम्मान कर विधायक ने दी मिसाल, “जीवन को नए आयाम देने में शिक्षकों का अमूल्य योगदान”

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने सभी शिक्षा से वंचित बच्चों, अभिभावकों और समाजजनों से बच्चों को पढ़ाने और शिक्षा देने की अपील की।

अलीराजपुर, यतेन्द्रसिंह सोलंकी। आज शिक्षक दिवस के मौके पर आलीराजपुर विधायक मुकेश पटेल ने विधायक कार्यालय में शिक्षकों का सम्मान किया। इस दौरान विधायक पटेल ने सभी शिक्षकों का पुष्पमाला और शॉल व श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। गौरतलब है कि इन शिक्षकों में कई ऐसे शिक्षक भी थे जिन्होंने पिछले दो साल के दौरान लगातार कोरोना काल में जनहित में विभिन्न प्रकार से कोरोना योद्वा के रूप में कार्य करते हुए अपना अमूल्य योगदान दिया।

शिक्षकों का सम्मान कर विधायक ने दी मिसाल, “जीवन को नए आयाम देने में शिक्षकों का अमूल्य योगदान”

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इस मौके पर विधायक ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि- “शिक्षक हमारी अनमोल धरोहर है, शिक्षक अर्थात गुरू के बिना हमारा जीवन शून्य है। उनके ज्ञान के प्रकाश के बिना विद्यार्थी जीवन अधूरा है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षा व्यवस्था पर बेहद विपरित असर हुआ है। ऐसे में जिले का हर शिक्षक विद्यार्थी के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाने के लिए तीव्रता से जुटा हुआ है, ताकि कोरोना संक्रमण काल में जो विद्यार्थी शिक्षा लेने में पिछड गए हैं, या शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हो रहे हैं, ऐसे विद्यार्थी को पुन: शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़कर उनका भविष्य सुधारा जा सके। शिक्षकों का ये कार्य बेहद प्रशंसनीय है।“

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कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित ना रहे

इस दौरान विधायक पटेल ने कहा कि जिले का सर्वांगीण विकास सिर्फ शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। विधायक पटेल ने जिले के सभी आम लोगों से अपील की कि अपने स्वयं, मोहल्ले, फलिये, गांव, कस्बे, शहर में यदि कोई बच्चा हो जिसने स्कूल में प्रवेश नहीं लिया हो या स्कूल नहीं जाता हो उनके अभिभावकों को बच्चे को स्कूल भेजने के लिए अनिवार्य रूप से प्रेरित करें ताकि वह बच्चा शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सही गलत का भेद बताकर शिक्षक ही समाज और देश के विवेक को जागृत करता है। जो शिक्षक शिष्य के मन में सीखने की इच्छा को जागृत कर दे वहीं सच्चा शिक्षक है। शिक्षक जब कहते है पढो, बढो और करो तो ये सिर्फ उनके निर्देश नहीं होते, इन तीन शब्दों के पीछे एक रचानाकार का मन होता है जो सिर्फ बच्चे का ही नहीं एक समाज और एक राष्ट्र का निर्माण भी कर रहा होता है।