जिद में समाधि लेने जा रहे संत को पुलिस ने गड्ढे से बाहर निकाला, उपचार के लिए भेजा अस्पताल

बाबा का कहना है कि वो 100 वर्ष के हो चुके हैं और संत होने के नाते उन्हें समाधि लेना है। जिसपर लोगों ने उन्हें ऐसा न करने को समझाया लेकिन बाबा ने जिद ठान ली। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी।

मुरैना, संजय दीक्षित। मुरैना जिले (Morena district) से एक अनोखा मामला सामने आया है जहां अड़ीबाज़ी में 7 फीट गहरे गड्ढे में समाधि लेने जा रहे एक संत (saint) को पुलिस ने बरामद कर लिया और उन्हें उपचार के लिये जिला अस्पताल पहुंचाया। बाबा का कहना है कि उनकी तपस्या के 100 वर्ष पूरे हो गए हैं जिसपर उन्होंने 7 फीट गहरे गड्ढे में समाधि लेने कि इच्छा जताई थी। गांव वालों ने बाबा से ऐसा न करने की बड़ी मिन्नते की लेकिन वह नहीं माने, और आखिरकार ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।

जिद में समाधि लेने जा रहे संत को पुलिस ने गड्ढे से बाहर निकाला, उपचार के लिए भेजा अस्पताल

ये भी पढ़ें- नहाने गए 3 बच्चों की डूबने से मौत, मंत्री तुलसी सिलावट ने की सहायता राशि की घोषणा

जानकारी के अनुसार सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कैथोदा गांव के पास राम सिंह उर्फ पप्पड़ बाबा का दुर्गादास आश्रम है। गांव वालों के सामने बाबा ने समाधि लेने की इच्छा जताई थी। बाबा ने कहा कि वो 100 वर्ष के हो चुके हैं और संत होने के नाते उन्हें समाधि लेना चाहिए। इसपर पहले तो लोगों ने मना किया लेकिन बाबा की जिद के आगे उन्हें झुकना पड़ा और ग्रामीणों ने ही 7 फीट गड्ढा खोदकर बाबा की समाधि का इंतजाम किया। बाबा को  समाधि लेने की खबर सुनकर सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए जिन्होंने बाबा के दर्शन किए। तभी गांव के ही कुछ लोगों ने सिविल लाइन थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद बाबा को समाधि से बाहर निकाला गया और उन्हें जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया।

पप्पड़ बाबा का कहना है कि उनके परिवार में एक बहू और दो नाती एवं दो बेटे हैं, जिनमें से एक मानसिक रूप से कमजोर है। इसके बावजूद वह घर से अलग आश्रम में रहकर पूजा-अर्चना करते हैं। बाबा ने उनके 100 वर्ष पूरे होने के बाद समाधि लेने का मन बनाया था लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दे दी। इस पूरे मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी विनय यादव का कहना है कि गांव वाले बाबा को समाधि न लेने के लिये समझा रहे थे, लेकिन बाबा अपनी जिद पर अड़े हुए थे। वो बार-बार कह रहे थे कि उनकी उम्र पूरी हो चुकी है इसलिये समाधि लेना है। फिलहाल बाबा को जिला अस्पताल उपचार के लिए भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार किया जा रहा है।