मुरैना, संजय दीक्षित। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य को लेकर मुरैना सिटी का कंट्रोल कमांड सेंटर अहम भूमिका का निर्वाह कर रहा है। निगमायुक्त अमर सत्य गुप्ता के निर्देशानुसार सफाई से संबंधित हर शिकायत को ऑनलाइन दर्ज करने के साथ अब कंट्रोल कमांड सेंटर से कचरा संग्रहण करने वाली गाड़ियों की जीपीएस तकनीक से मॉनिटरिंग भी शुरु हो चुकी है। इस सुविधा से कचरा संग्रहण की गाड़ियों की व्यापक निगरानी की जा सकेगी।

शुक्रवार को निगमायुक्त अमर सत्य गुप्ता ने जानकारी देते हुये बताया कि प्रदेश के बड़े शहरों की तरह मुरैना में भी अब सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित और सुचारु करने के उद्देश्य से कई तरह के कार्य किये जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत अब नगर निगम कई कदम उठा रहा है जिसमें कचरा संग्रहण में लगे 47 वाहनों में जीपीएस लगाकर हाईटेक व्यवस्था की गई है। साथ ही जीपीएस युक्त कचरा संग्रहण गाड़ियों की लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल कमांड सेंटर गाड़ी अड्डा से शुरु हो चुकी है। इस नई सुविधा से अब साफ सफाई के नाम पर निकलने वाली गाड़ियां संबंधित वार्डों में जाकर कचरा उठाती है या नहीं इसकी पूरी जानकारी कंट्रोल कमांड सेंटर गाड़ी अड्डा से लाइव देखी जा सकेगी और डीजल की भी बचत होगी। जीपीएस से कचरा संग्रहण वाहन कहाँ पर है और वह कहाँ जा रहा है इसकी लाइव लोकेशन भी मिलती रहेगी। जिससे इन वाहनों की ट्रेकिंग करना आसान होगा। वहीं जरुरत पड़ने पर कंट्रोल कमांड से इन वाहनो को निर्देश भी जारी किये जा सकेंगे।

गाड़ियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानि जीपीएस वैसे तो ड्राइवरों को रास्ते की जानकारी और उनकी ट्रेकिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इससे वाहन की स्पीड, लोकेशन पता चल सकती है। अब कचरा वाहनों में जीपीएस लगाने के बाद पता चलेगा कि कचरा कब उठा, कहां से उठा और वाहन कहां डालने गया आदि पता लग सकेगा। इससे यह भी पता चल सकेगा कि वाहन कहां कितनी दूर पर खड़ा हुआ है। वर्तमान में शहरी क्षेत्र के 47 वार्डो में डोर टू डोर प्रणाली शुरू की जा चुकी हैं और 27 वाहनों में जल्द ही जीपीएस सिस्टम शुरू किया जाएगा। चार वाहनों को अलग से गीला कचरा एकत्रित करने के लिए वार्डों में भेज दिया गया हैं। स्वछता सर्वेक्षण 2021 में ओडीएफ प्लस प्लस हो चुके हैं और पहली रेंक पर आने के लिए पूरी तैयारियां भी चल रही है।