मुरैना पुलिस की छापामार कार्रवाई, सिंथेटिक दूध बनाने वाला केमिकल भारी मात्रा में जब्त

बतादें कि केमिकल संचालक रामसहाय पर करीब दो साल पहले भी कार्रवाई की गई थी। उसके बाद भी जहर बेचने का कारोबार धड़ल्ले से करता रहा लेकिन आज पुलिस के हत्थे फिर से चढ़ गया।

मुरैना, संजय दीक्षित। मप्र (MP) में मिलावट को लेकर भले ही बीते दिनों मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जगह-जगह कार्रवाई हुई हो, लेकिन समय के साथ-साथ माहौल बदला और एक बार फिर नकली दूध के कारोबारियों ने अपनी जड़ें मजबूत कर ली है। इसी का एक जीता जागता उदाहरण चंबल (Chambal) के मुरैना (morena) जिले में देखने को मिला। जहां एक कारोबारी के द्वारा बिना खौफ के नकली दूध बनाने का जखीरा भारी मात्रा में रखा हुआ था। सूचना मिलते के बाद सिटी कोतवाली टीआई ,खाद्य विभाग की टीम और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही हैं।

यह भी पढ़ें…राजगढ़ पुलिस ने लाखों की शराब और मशरूका पकड़ा, एक नाबालिग सहित 5 आरोपी भी गिरफ्तार

दरअसल मिलावट माफिया पर कार्रवाई करने के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद चंबल संभाग के विभिन्न जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई देखने को मिली थी। मुरैना जिले में नकली दूध के कारोबारी पर यह बड़ी कार्रवाई की हैं। जिसमे सिंथेटिक दूध से बनाने के लिए भारी संख्या में केमिकल के ड्रम और प्लास्टिक की कैन बरामद की गई हैं।

गौरतलब है कि सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में स्थित एक गोदाम में रखे भारी मात्रा में सामग्री जब्त की गई हैं। पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में संचालित रामसहाय शर्मा नि पिडावाली पर रविवार की दोपहर छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान गोदाम में मिलावटी दूध बनाने के 12 ड्रम, 12 नीली कैन हायड्रोजन पेरोक्साइड, रिफाइंड पामोलीन आयल 3200 ml, आरएम केमिकल 2600 ml, न्यूट्रिलिव गोल्ड रिफाइंड पामिलिव आयल 1600 ml और 15 लीटर पैक टिन भी जब्त की गई हैं। इसके अलावा अन्य सामग्री भी बरामद की गई है। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, तहसीलदार और कोतवाली टीआई के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।

यह भी पढ़ें…Lockdown Extended: डेल्टा प्लस वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, यहां 5 जुलाई तक जारी रहेगा लॉकडाउन

दो साल पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
रविवार की दोपहर मुखबिर की सूचना पर टीआई कोतवाली ने मय टीम के साथ छापामार कार्रवाई की हैं। बतादें कि केमिकल संचालक रामसहाय पर करीब दो साल पहले भी कार्रवाई की गई थी। उसके बाद भी जहर बेचने का कारोबार धड़ल्ले से करता रहा लेकिन आज पुलिस के हत्थे फिर से चढ़ गया। बताया जाता हैं नकली दूध बनाने का कारोबार कई दिनों से संचालित था। लेकिन पुलिस की नजरों से बचकर इधर-उधर माल की सप्लाई करता था। अब देखना होगा कि जहर बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन के द्वारा क्या कार्रवाई की जाएगी या फिर जहर बेचने वालों के हौंसले बुलंद होते रहेंगे। गोदाम संचालक का कहना है कि दुकानों पर बेचने के लिए ड्रमों में पामोलिव आयल रखा हुआ था। जिसे टिनो में भरकर बाजार में सप्लाई किया जाता हैं।