मुरैना में पुलिस की छापामार कार्रवाई, नकली को असली खाद बताकर बेच रहा था व्यापारी, केस दर्ज

पुलिस प्रशासन की टीम ने पोरसा के गोकुलपुरा में एक गोदाम में नकली खाद बनाते हुए पकड़ा है। वहीं एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मुरैना, संजय दीक्षित। मुरैना (Morena) के पोरसा कस्बे में असली डीएपी खाद (DAP Fertilizer) के कट्टे में नकली खाद भरकर बेचने वाले गोदाम पर पुलिस ने छापामार कार्रवाई की है, पुलिस प्रशासन की टीम ने पोरसा के गोकुलपुरा में एक गोदाम में नकली खाद बनाते हुए पकड़ा है। वहीं एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह भी पढ़ें…Tikamgarh News : निर्वाचन कार्य में लापरवाही करने पर 20 कर्मचारी निलंबित

एक तरफ जिले में डीएपी खाद के संकट का विकराल रूप सामने आ रहा है, तो वहीं कुछ लोग किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर नकली खाद बनाने में लगे हुए हैं, और इसका सीधा फायदा कालाबाजारी करने वाले और मुनाफाखोर लोग उठा रहे हैं। अब नकली खाल बनाकर किसानों को धोखा देने से भी बाज नहीं आ रहे हैं, अब किसानों को धोखा देने के लिए मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं, किसान दिन-रात खाद के लिए वितरण केंद्रों पर खड़ा हुआ है, लेकिन उसे खाद नहीं मिल पा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस उन पर लाठियां भांज रही है।

बता दें कि कैलारस (Kailaras) में किसानों पर लाठियां बरसाने का वीडियो भी सामने आया था, किसान की फसल बिना खाद के बर्बाद हो रही है जिससे वह परेशान होकर खाद के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, उधर किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने के लिए मुनाफाखोर और और कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हो गए हैं। मिलावट खोरी करने वालों का एक ऐसा ही मामला गोकुलपुरा के एक गोदाम पर देखने को मिला जहां गोदाम में मिलावटी खाद बनाकर उसे असली डीएपी खाद की बोरी में पैक करके बेचा जा रहा था, इस बात की सूचना पुलिस को मिली। जिसके बाद एसडीएम राजीव समाधिया, नायब तहसीलदार विवेक सिंह, एसडीओपी अशोक सिंह और कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, उन्होंने नकली खाद को असली खाद की बोरी में पैक करते हुए पकड़ लिया।

140 बोरी नकली खाद जब्त
वहीं जो लोग नकली खाद बना रहे तो उन्होंने बताया कि वह तो मजदूर हैं तथा उन्हें केवल मजदूरी मिलती है। इस कारोबार का मुख्य मालिक कोई और है। जब कारीगरों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एक ग्रो प्लस नाम के सस्ते खाद से महंगी खाद बनाते हैं, नकली खाद की बोरी तैयार करने में मात्र 500 रूपए की लागत आती है तथा जब उसे असली डीएपी खाद की बोरी में भरकर बेचा जाता है तो उसकी कीमत 1250 रुपए में मिलती है। पुलिस व प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर 140 बोरी नकली खाद भरी हुई जब्त की है। जब मजदूरों से बाकी की बोरियों के बारे में पूछताछ की गई तो मिलावट करने वाले मजदूरों ने बताया कि बाकी के कट्टे किसानों को बेच दिए हैं।

नकली खाद डालने से फसल होगी बर्बाद
मजदूरों ने बताया कि नकली खाद की जो बोरियां किसान लेकर गए अगर उन्होंने उसे अपने खेत में डाल दिया तो उनकी फसल चौपट हो जाएगी। वह असली उर्वरक नहीं है, लिहाजा फसल चौपट हो जाएगी, मौके पर पहुंचे एसडीओपी अशोक सिंह यादव ने बताया कि मौके पर नकली खाद बनाते हुए पकड़ा है, यह लोग गोदाम में नकली खाद बना रहे थे और उसे डीएपी की असली खाद की बोरियों में पैक कर रहे थे। उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें…Asirgarh: प्रसिद्ध आशा देवी मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब, नवमी पर्व पर हुआ भंडारा