मुरैना- कलेक्टर का एक्शन, 9 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, वेतन काटने के निर्देश

मुरैना, संजय दीक्षित। कलेक्टर बी.कार्तिकेयन ने कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की बैठक में 9 अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुये कारण बताओ नोटिस, वेतनवृद्धि तथा वेतन काटने के निर्देश दिये हैं।

नवीन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संचालित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की बैठक के दौरान कलेक्टर बी.कार्तिकेयन ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में अधिकारी ऐसे शब्द इस्तेमाल न करें कि देखता हूं, दिखवाता हूं या निर्देश दे दिये हैं। निर्देश देने का काम सिर्फ और सिर्फ भोपाल का होता है। जिलों में बैठे हुये एचओडी का कार्य धरातल पर दिखे और उनको मूर्त रूप देना चाहिए। इस बैठक में 9 अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुये कारण बताओ नोटिस, वेतनवृद्धि तथा वेतन काटने के निर्देश दिये हैं।

इस बैठक में सीएमएचओ डाॅ बांदिल की एक वेतन वृद्धि रोकने तथा तीन दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए गए, क्योंकि शासन के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार जिले में प्रतिदिन 300 लोगों का कोविड टेस्ट करने के निर्देश डॉ बांदिल को दिए गए थे। लेकिन यह आंकड़ा 250 प्रतिदिन ही किया गया। इसके अलावा जिन लोगों को वैक्सीन लगनी थी उनका कार्य भी शत-प्रतिशत नहीं था। इसके साथ ही मुरैना जिले में सात टीकाकरण केन्द्रों पर 3600 लोगों को वैक्सीन लगानी थी, जिसमें मात्र 2401 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। समस्त एसडीएम को निर्देश दिये हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में शत प्रतिशत टीकाकरण होना चाहिये।

इस बैठक में ग्रामीण पथ विक्रेता योजना के तहत प्रदेश में जिले की स्थिति चौथे स्थान पर है किन्तु पहाडगढ़ जनपद सीईओ द्वारा 178 लोंगो को लाभ दिलाया है, इस पर कलेक्टर ने पहाडगढ़ जनपद सीईओ को कारण बताओ नोटिस एवं ब्लाॅक प्रबंधक जगदीश किरार को तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कैलारस में भी इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रधानमंत्री स्व निधि योजना में सभी को सात दिन के अंदर 50 प्रतिशत का लक्ष्य पिछली बैठक में दिया गया था। जिसमें नगर निगम ने 213, अम्बाह ने 213, पोरसा ने 52 स्वनिधि योजना के तहत लोंगो को लाभ दिलाया। इस पर कलेक्टर ने सीएमओ पोरसा और पीओडूडा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि मुझे लक्ष्य चाहिये, निर्देश और देखता हूं इस प्रकार के शब्द आज के बाद सुनने को नहीं मिलना चाहिए। स्वनिधि योजना के तहत जौरा सीएमओ द्वारा लक्ष्य के अनुरूप स्वीकृति कम करने पर कार्य नहीं तो वेतन नहीं के आधार पर सात दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिये गए एवं जिले के समस्त सीएमओ के वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। शासन की योजनाओं में रूचि नहीं लेने वाले जिले के समस्त नगरीय निकायों के सीएमओ के वेतन आहरित नहीं होंगे। कलेक्टर ने कहा कि जब तक में सूचना नहीं करूँगा तब तक एक भी सीएमओ का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में योजनाओं तीव्रगति से प्रगतिरत है, किन्तु मुरैना में योजनाओं की स्थिति ठीक नहीं है। पीओडूडा और एलडीएम प्रतिदिन समीक्षा कर मुझे 8 फरवरी की वीसी से पहले 7 फरवरी तक लक्ष्य के अनुरूप प्रोग्रेस दें।

कलेक्टर द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी को निर्देश दिये कि जिले के 6 एनआरसी केन्द्रों में 70 पलंगों की व्यवस्था है, यह पलंग हर हाल में भरे हुये रहें। इसके लिये सभी एसडीएम एवं सीडीपीओ एनआरसी केन्द्रों का फीडबैक लेते रहें। पोरसा सीडीपीओ द्वारा पोषण माह पत्रक में शून्य दर्शाने पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी उपासना राय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये हैं।

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