Morena: बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिल रही सहायता राशि, आक्रोशित किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

बाढ़ पीड़ितों को सरकार के मुआवजे का कोई भी लाभ नहीं मिला है जिसके कारण आक्रोशित किसानों को अब सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

मुरैना, नितेंद्र कुमार शर्मा। पिछले दिनों चंबल संभाग (Chambal Division) में आई बाढ़ (flood) ने चंबल के किनारे बसे इलाकों और गांवों को बुरी तरह प्रभावित किया था। जिससे कई गांव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे, तो कई गांव पूरी तरह डूब गए थे। वहीं बाढ़ के कारण खेतों की फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। लोगों के मकान से लेकर मवेशी तक बाढ़ में समा गए थे। जिसके बाद सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया था। लेकिन अभी तक बाढ़ पीड़ितों को सरकार के मुआवजे का कोई भी लाभ नहीं मिला है जिसके कारण आक्रोशित किसानों को अब सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

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सरकार के मुहावरे का इंतजार करते हुए किसानों का सब्र का बांध टूट गया। जिसके बाद आज मुरैना जिले (Morena District) की जोरा तहसील में आसपास के बाढ़ पीड़ित किसानों ने एकत्रित होकर एसडीएम सुरेश कुमार को ज्ञापन दिया और सड़कों पर रैली निकाली। सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने बताया कि अगर सरकार ने 15 दिनों के अंदर बाढ़ पीड़ित किसानों की सहायता राशि व मुआवजा उपलब्ध नहीं कराया तो सरकार के खिलाफ आंदोलन पर बैठ जाएंगे।

यह है मांगे
बाढ़ पीड़ित किसानों की मांगो के अनुसार जो भी बाढ़ से प्रभावित परिवार हैं उन्हें 45 किलो गेहूं और 5 किलो चावल हर एक राशन कार्ड पर तुरंत उपलब्ध कराया जाए। 3 महीने के लिए जो मवेशी बह गए हैं उनका मुआवजा और जो बचे हैं उनके लिए चारा उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा जो फसलें बाढ़ के अलावा अतिवृष्टि और सूखे के कारण खराब हो चुकी हैं उनका तुरंत सर्वे करा कर मुआवजा दिया जाए। जो घर चंबल नदी में छोटी-छोटी नदियों के किनारे बसे हुए हैं उन्हें तुरंत बड़ों का समतलीकरण करा कर उन पर नवीन मकानों का निर्माण सरकार की तरफ से करवा कर दिया जावे या फिर उनका पट्टा करवाकर किसानों के नाम से करवा दिया जाए। और भी बहुत सी चीजों को लेकर बाढ़ पीड़ित किसानों ने जोरा पूर्व विधायक सूबेदार सिंह के संग मिल कर आज जोरा मैं बड़े स्तर पर रैली निकाली। अब देखना यह है कि लंबे समय से बाढ़ आपदा से जो किसान जूझ रहे हैं उन्हें सरकार की तरफ से कब सहायता प्राप्त होती है।

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