मुरैना: क्षेत्रीय परिवहन कार्यलय में अनिश्चितकालीन हड़ताल, लाइसेन्स बनवाने वाले लौटे वापस

कुछ आवेदक ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों की फिटनेस कराने के लिए पहुंचे लेकिन कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होने की वजह से उन्हें बिना लाइसेंस के ही वापस लौटना पड़ा।

मुरैना, परिवहन विभाग

मुरैना, संजय दीक्षित। देशभर के परिवहन विभाग (transport department) के अफसर (officers) और कर्मचारी (workers) बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल (strike) पर बैठ गए हैं। छोन्दा स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय पर ड्राइविंग लाइसेंस शाखा (driving license branch) और फिटनेस शाखा (fitness branch) में ताला पड़ा हुआ है। इस दौरान कार्यालय में कुछ आवेदक ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों की फिटनेस कराने के लिए पहुंचे लेकिन कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होने की वजह से उन्हें बिना लाइसेंस के ही वापस लौटना पड़ा।

वहीं मध्य प्रदेश परिवहन संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह रंघुवंशी ने बताया कि पदाधिकारियों ने बुधवार को भोपाल में परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. एन. मिश्रा से मुलाकात की लेकिन बात नहीं बन सकी। अधिकारी संगठनों का कहना है कि जब तक लिखित में उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।

विभाग के अफसर और कर्मचारियों पर शासन के आदेश एवं परिवहन विभाग के अधिनियम को ध्यान में रखते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। संगठन की मांग है कि परिवहन विभाग में कार्यरत लोगों को उपनिरीक्षक के पद पर प्रमोट करने के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित की जाए साथ ही आरक्षक पीएसआई ,आरटीआई से लेकर अन्य कर्मचारियों के प्रमोशन अटके हुए ऐसे कर्मचारियों को प्रमोशन दिया जाए। इसके अलावा परिवहन कार्यालय में कार्यालय स्टाफ की कमी है। जिसके कारण कार्य की अधिकता के कारण अधिकारी एवं कर्मचारी पर मानसिक दबाव रहता है। विशेष जांच दलों में आरक्षक एवं एक अधिकारी पदस्थ रहता है। जब भी कोई यात्री वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है तो बिना जांच के जिला परिवहन अधिकारी को निलंबित कर दिया जाता है।

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परिवहन विभाग में आरक्षक से लेकर संभागीय परिवहन आयुक्त के पदों में अन्य विभागों की तुलना में काफी वेतन विसंगतियां है। मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग के सभी पदों पर पदोन्नति न होने के कारण पद नाम परिवर्तन करने हेतु संगठन द्वारा मांग की गई है। कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की परिवहन उपनिरीक्षक की भर्ती की परीक्षा आयोजित नहीं की गई। जिसके कारण कुछ लोग पदोन्नत होकर उपनिरीक्षक नहीं बन पाए हैं।