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मुरैना।

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के देवगढ़ थाना ऑडियो वायरल मामले में एसपी ने टीआई को सस्पेंड कर दिया है। ऑडियो में टीआई 20  से 40  हजार में केस निपटा लेने की बात करते हुए नजर आ रहा थे। वही मामले की जांच 5 दिनों में करने का निर्देश एसडीओपी कैलारस को भी दे दिया गया है। फिलहाल थाने का प्रभार लोधी के अधीनस्थ को सौंपा गया है। एसपी की कार्रवाई के बाद पुलिसकर्मियों में हड़कंप की स्थिति है।

             दरअसल,  दो दिन पहले एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी, उसमें देवगढ़ थाना प्रभारी विजय लोधी छेड़कानी के मामले को निपाटने के बारे में किसी अज्ञात शख्स से बातचीत करते हुए सुनाई दे रहे थे। क्लिप में अज्ञात शख्स थाना प्रभारी से मामला निपाटने के बदले दिए 20 हजार रुपयों के बारे में कह रहा है कि ‘पैसे दिए उसका क्या हुआ, मेरे पैसे तो वैसे ही चले गए’। थाना प्रभारी बातचीत में किसी साहब से पूछकर अज्ञात शख्स को उचित जवाब देने की बात कह रहे हैं।आपको किसी भी केस में क्रॉस कायमी करानी हो या धाराएं बढवानी हो कोई भी गंभीर केस  जांच में अटकाना हो तो 20-40 हजार रुपये फिक्स हैं , थाना प्रभारी सारे काम पैसे लेकर करने को तैयार है।ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी विजय लोधी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन भेज दिया है और इस पूरे मामले की जांच एसडीओपी कैलारस सुधीर कुशवाहा को 5 दिन में देने के निर्देश दिए।

सुनिए टीआई व युवक के बीच बातचीत का ऑडियो जो वायरल हुआ ……

अज्ञात – उसकी कह रहा था फौजी वाले में क्या चल रहा है। 

थाना प्रभारी- विवेचना चल रही है। 

अज्ञात– विवेचना चल रही है तो फिर अपुन नोटिस क्यों दे रहे हैं। विवेचना चलती रहेगी जब तुम उसे पेश करवा दोगे फिर मतलब क्या रहेगा। 

थाना प्रभारी –  बिना पेश करे कैसे काम चलेगा पेश तो कराना पड़ेगा। यार सुन तो लो जब वो उसमें आरोपी है जिस पर एलीगेशन लगे हैं उसे पेश तो होना पड़ेगा। 

अज्ञात- उपस्थित हो जाएगा तो उसकी फिर जमानत होगी फिर मतलब क्या होगा विवेचना का। गिरफ्तारी होगी फिर। 

थाना प्रभारी– गिरफ्तारी नहीं है नोटिस गया है। अभी दो.तीन दिन का समय है साहब से हम चर्चा कर लेंगे। 

अज्ञात- दूसरी यह है साहब मेरी समझ में नहीं बैठ रही इतने सारे प्रकरण पड़े हैं। ताली दोनों तरफ से तो नहीं बजती। एक तरफ ते अपन पैसा भी ले लें एक तरफ ते दूसरे का काम भी नहीं करें। तुमने नोटिस भी दे दिया उसको। अब 27 को आ जाएगा तो उसकी गिरफ्तारी तो होनी ही है या किसी का काम करने की ताकत ना हत तो पैसा भी नहीं लेने चाहिए अपुन को। क्या मैं गलत कह रहा हूं। 

थाना प्रभारी- इसीलिए मैं तुमसे फोन पर बात नहीं करना चाहता था। 

अज्ञात– तभी तो मैं तुम्हारे सामने आया हूं। 

थाना प्रभारी- तुम अनर्गल बातें ज्यादा करते हो। मैंने तुमसे कभी कहा कि अपुन इसको निकाल देंगे। मैंने अपने मुंह से कभी बोला। क्या है मैं बताऊं जो भी गलत फहमियां रहीं वो एसडीओपी साहब ने जिस हिसाब से मुझे बताया वो बोले ठीक है मिल लेना जो भी है। मैंने तुमसे कहा भी पूछा मतलब क्या है। 

अज्ञात – तुम चाहते कि जाकी जांच चल रही है। जांच में उसकी कॉल डिटेल निकलवाते न तो कॉल डिटेल निकली न पहलू पर काम किया। नोटिस तुमने तुरंत दे दिया। 

थाना प्रभारी– सुन तो लो पहलू पर हमने काम किया इतने लोगों के कथन लिए उससे कोई सेंश नहीं निकल पा रहा। अब उस संबंध में हमें साहब से बात करनी पड़ेगी। 

अज्ञात – नोटिस भी पहुंचा दिया कल वो आएगा नहीं 27 तारीख को तुमने बुला लिया। फरारी का चालान पेश कर दोगे मतलब क्या निकला अपना। 

थाना प्रभारी- वो तो साहब से बात करके होगा। 

अज्ञात- अपने देने का सेंश क्या रहाए मैंने आपको 20 हजार रुपए दिए उसका मतलब क्या निकला। 

थाना प्रभारी– हमने तुमसे मांगा तुम एक जो क्रॉस कायमी हुई उसमें तब

अज्ञात- क्रॉस में क्या हुआ तुम बताओ 35 हजार तो वैसे ही चले गए। 

थाना प्रभारी– 452 कैसे लग गई। दूसरे की तरफ से नहीं लगा देते। 

अज्ञात- 452 से क्या हुआ कोर्ट में जमानत हो जाती है। 

थाना प्रभारी- अपराधों के निकाल.विकाल तो करने पड़ेंगे। 

अज्ञात – अब मुझे ये बता दो इसमें करना क्या है लास्ट बात यह पूछने आया हूं। जो भी हो साफ.साफ बता दो। 

थाना प्रभारी– चलो मैं साहब से पूछकर ही कोई डिसीजन ले पाऊंगा। 

अज्ञात- आप यह बात बताओ क्रॉस कायमी में मेरा 35.40 हजार रुपया वैसे ही चला गया। 

थाना प्रभारी- चोट नहीं थी उसको चोट मेडिकल में आई थी चोट। तीन लोगों के मेडिकल कराए। तीन तुम्हारी तरफ से तीन उसकी तरफ से कराए। 

अज्ञात– अब इसमें क्या करना है यह बता दो मुझे

थाना प्रभारी- साहब से डिस्कस करके ही बता पाऊंगा।