कलेक्टर ने अवैध उत्खनन एवं रेत परिवहन रोकथाम के लिए ड्रोन कैमरे उपयोग करने के दिए निर्देश

संजय दीक्षित।मुरैना

कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास, पुलिस अधीक्षक डॉ.असित यादव, वनमण्डलाधिकारी बृजेश झा ने अवैध उत्खनन एवं रेत परिवहन की प्रभावी रोकथाम के लिये संयुक्त जांच दल को वीडियोग्राफी एवं ड्रोन कैमरा का उपयोग करने के निर्देश दिये है। ड्रोन कैमरा की व्यवस्था के लिये डी.एफ.ओ. को प्रभारी अधिकारी बनाया है। सैटेलाइट इमरजेंसी के माध्यम से रेत खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन भण्डारण पर रोक लगाने के लिये राष्ट्रीय सूचना केन्द्र को पत्र लिखा गया है।बैठक में सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि कम से कम माह में एक बार टास्कफोर्स की कार्यवाही होना अनिवार्य है, जिससे जिले में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद मिले। कलेक्टर ने कहा कि अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण की कार्यवाही का विवरण प्रतिमाह विभाग वार पृथक-पृथक तैयार करना चाहिये।

कलेक्टर ने कहा कि चम्बल नदी की रेत के राजसात वाहनों की जानकारी पृथक से वन विभाग को देना होगी। इसके लिये वनमण्डलाधिकारी जानकारी तैयार कर पुलिस तथा खनिज विभाग को जानकारी दे। चम्बल नदी के घाटों पर संयुक्त कार्यवाही की जाये। जिसकी योजना बनाकर अमल किया जाये। के.एस. चैराहा/हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी रोड़ पर अवैध खनिज फर्सी, पत्थर, ईंट, खंड़ा रेत मंडी के वाहनों पर कार्यवाही की जाये। जिसके प्रभारी डीएफओ रहेंगे जो शीघ्र कार्यवाही कर अवगत करवायेंगे। इस कार्यवाही में पुलिस, वन, राजस्व, आरटीओ एवं खनिज विभाग के अधिकारी साथ रहेंगे। जिसके प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक मुरैना रहेंगे।

जिले में खनिज ईंट चिमनी भट्टा पर खनिज अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जा रही है उसमें और कार्यवाही की जरूरत है। प्रभारी खनिज अधिकारी मुरैना रहेंगे। खनिज विभाग मुरैना से स्वीकृत चिमनीभट्टों की सूची लेकर एसडीएम, तहसीलदारों को भी कार्यवाही करना है। परिवहन विभाग वाहनों की जांच कर खाली वाहनों पर आरटीओ नम्बर, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण संबंधित जांच करना है, जिसके प्रभारी आरटीओ मुरैना होंगे। चम्बल के किन-किन घाटों पर कार्यवाही करना है, उसकी जानकारी डीएफओ मुरैना देंगे। उसके पश्चात् योजना बनाकर कार्यवाही अवैध खनिज रेत को विनिष्ट करने के साथ जिसकी भूमि पर अवैध खनिज स्टाॅक पड़ा है। उस भूमि मालिक के विरूद्ध अवैध भंडारण का प्रकरण बनाना है।

कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने सुझाव दिया कि रेत की जितनी ज्यादा खदानें स्वीकृत हो सकती है, उन पर तत्परता से कार्यवाही हो, जिससे खनिज रायल्टी के रूपये में राजस्व वसूल किया जा सके। खनिज अधिकारी को ऐसे स्थानों को चिन्हांकन करने एवं आवश्यक अनापत्ति लेने हेतु वन, राजस्व, खनिज, पंचायत, रा.च.अ. की जांच उपरांत एनओसी लेने के लिये प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए हैं।