मुरैना : गरीबों को बांटने के लिए घुन लगा चावल, पशुओं को खिलाने के लायक भी नहीं

मुरैना जिले में गरीबों को बांटने के लिए गुणवत्ताहीन चावल लाया गया है। लेकिन जिम्मेदारों के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठा रहा। पढ़िए खबर....

मुरैना, संजय दीक्षित। कोरोना काल में भी गरीबों को बटने वाले चावल में सरेआम धांधली की जा रही है। मुरैना रेलवे स्टेशन पर हजारों क्विंटल चावल की रैक सड़ी हुई खुली हुई बोरों में पैक रखी हुई है। जिले की पीडीएस दुकानों पर बटने के लिए चावल की रैक मुरैना स्टेशन पर आई है। लेकिन यह चावल इतना घटिया स्तर का है कि लोगों के खाने लायक तो दूर पशुओं के खिलाने के लायक भी नहीं है। चावल पूरी तरह से काला पड़ा हुआ है यह कितना गुणवत्ता हीन हैं इसे देखने से ही पता चलता है कि चावल को गोदामों में भेजने का काम किया जा रहा है। जिसके बाद इसे गरीबों को वितरण किया जाएगा।

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मुरैना में पीडीएस दुकानों पर वितरण के लिए चावल मंगवाया गया है। जिसमें हजारों की संख्या में ट्रेन की पूरी रैक मुरैना स्टेशन पर उतारी गई है। इस चावल की गुणवत्ता ऐसी है कि इंसानों के खाने के लायक नहीं लग रही थी पूरी तरह से चावल काला दिखाई दे रहा था। वहीं घुन जैसा भी दिखाई दे रहा था। जब लोगों ने इसका विरोध किया तो उसकी जांच कराई गई। जिसमें इस चावल के वितरण को रोकने की कार्रवाई की गई। इसके बाद फिर से वही चावल दोहरा गया है और इसकी रैक मुरैना स्टेशन पर उतारी गई है। चावल भेजने वाले मिल मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए कोई कुछ भी कहने से पीछे हट रहा है।