सावधान! कहीं प्राइवेट कॉलेज आपको नकली मार्कशीट तो नहीं पकड़ा रहे

मुरैना, संजय दीक्षित। सुमावली के प्राइवेट महाविद्यालय के प्रबंधक ने कॉलेज की छवि को चमकाने के लिए गजब फर्जीवाड़ा कर डाला। शिव शंकर कॉलेज के संचालक ने छात्रों को नकली मार्कशीट देकर उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। इसके बाद ये मामला पुलिस तक पहुंच गया है।

सावधान! कहीं प्राइवेट कॉलेज आपको नकली मार्कशीट तो नहीं पकड़ा रहे

कैमरा गांव का रहने वाला छात्र जितेन्द्र कुमार गुरुवार को एडिशनल एसपी डॉ. रायसिंह नरवरिया के पास शिकायती आवेदन लेकर पहुंचा। छात्र का कहना कि वो सुमावली के प्राइवेट कॉलेज में तीन साल से पढ़ रहा है। कॉलेज ने उससे हजारों रुपये की फीस लेने का बाद उसे फर्जी अंकसूची पकड़ा दी। उसने इसकी शिकायत सुमावली थाने और विश्वविद्यालय प्रबंधन को भी की, जिसके बाद कॉलेज के संचालक व शिक्षक उसे हाथ-पांव तोड़ने की धमकी दे रहे हैं। जितेन्द्र कुमार ने बताया कि उसने साल 2018 में सुमावली के प्राइवेट कॉलेज, शिवशंकर महाविद्यालय में एडमिशन लिया था। कोरोना महामारी के कारण साल 2020 और फिर 2021 में जनरल प्रमोशन देकर उसे पास होना बता दिया गया। वो कॉलेज में 36 हजार रुपये फीस के भी जमा कर चुका है। लेकिन छात्र का कहना है कि  कॉलेज ने उसे बीएससी प्रथम वर्ष की जो अंकसूची दी है. वह फर्जी है। उस अंकसूची में न तो नामांकन नंबर है, न ही कोई सील व हस्ताक्षर हैं।

छात्र का कहना है कि शक होने पर वो ग्वालियर जीवाजी यूनिवर्सिटी में अपनी अंकसूची की जांच कराने पहुंचा और वहां इस अंकसूची का कोई रिकार्ड नहीं मिला। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने भी इस अंकसूची को फर्जी बताया है। छात्र के अनुसार उसने इस ठगी की शिकायत सुमावली थाने में जाकर की, लेकिन तात्कालीन थाना प्रभारी पुष्पक शर्मा ने उसके द्वारा दिए गए प्रमाणों को भी नष्ट कर दिया। इसके बाद वह कॉलेज गया तो कॉलेज संचालक लाखन सिंह जादौन व दीपेन्द्र सिंह जादौन ने उसे हाथ-पांव तोड़ने की धमकी देकर कॉलेज से बाहर निकलवा दिया। छात्र ने कॉलेज से अपनी असली अंकसूची दिलाने की मांग करते हुए कहा कि बिना अंकसूची वह आगे की कक्षा में प्रवेश नहीं कर पा रहा है। पीड़ित जितेंद्र कुमार का कहना है कि शिवशंकर कॉलेज के संचालक ने 25 से ज्यादा छात्रों को नकली अंकसूची देकर उनके दो साल बर्बाद कर दिए हैं। ऐसे कई लोग है फर्जी अंकसूची लेकर नोकरी के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे हैं।

छात्रों की शिकायत सुनने के बाद मुरैना एडिशनल एसपी डॉ. रायसिंह नरवरिया ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। अगर फर्जी मार्कशीट बनाई है तो यह धोखाधड़ी है जिससे छात्रों के दो साल बर्बाद हो गए हैं। इस पूरे मामले की जांच बानमोर एसडीओपी दीपिका चंदोरिया को सौंपी गई है।