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Suspended: लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, पंचायत सचिव तत्काल प्रभाव से निलंबित

Written by:Kashish Trivedi
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Suspended: लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, पंचायत सचिव तत्काल प्रभाव से निलंबित

मुरैना, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में एक बार फिर लापरवाही पर बड़ी कार्यवाही की गई है। जहां मुख्य कार्यपालन अधिकारी (Chief Executive Officer) रोशन कुमार सिंह द्वारा ग्राम पिपरई के पंचायत सचिव (पंचायत सचिव ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspend) कर दिया गया है। इस मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी का कहना है की पंचायत सचिव की लापरवाही से जनता को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

दरअसल मामला मुरैना जिले का है जहां ग्राम पंचायत कोरोना सेंटर पर 45 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाए जा रहे थे। वही ग्राम पंचायत पिपरई के लोग वैक्सीनेशन की सुविधा से वंचित है। इसमें पंचायत सचिव की बड़ी भूमिका सामने आई थी। पंचायत सचिव रामनिवास बिना किसी पूर्व सूचना के बीच 25 दिनों से पंचायत मुख्यालय में अनुपस्थित है।

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इस मामले में सरपंच द्वारा पंचायत सचिव को फोन पर संपर्क भी किया गया लेकिन उनका फोन लगातार बंद आ रहा था। वही पंचायत सचिव के मुख्यालय में ना होने की वजह से आम जनता को कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोशन कुमार सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्य में लापरवाही मामले में दोषी पाए जाने के बाद मध्य प्रदेश सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3 के तहत पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इसके अलावा पंचायत सचिव राम निवास पर लापरवाही बरतने, कार्य में रुचि ना लेने के लिए मध्यप्रदेश पंचायत और अनुशासन एवं अपील 1999 के नियम भी प्रभावी किए गए हैं। वही सचिव रामनिवास के स्थान पर रोजगार सहायक राजवीर सिंह को पंचायत पिपरई का प्रभार दिया गया है।

बालाघाट, डेस्क रिपोर्ट। इसके अलावा एक अन्य मामले में प्रकरणों का समय सीमा के अंदर निराकरण ना करने और सीमांकन प्रकरण का 3 से 6 महीना तक लंबित रखने के कारण राजस्व निरीक्षक पर गाज गिरी है। जहां कलेक्टर दीपक आर्य ने राजस्व निरीक्षक रंजन सिंह कुरवैती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

कलेक्टर के मुताबिक राजस्व प्रकरणों की मासिक समीक्षा की जा रही थी। जहां चांगोटोला में सीमांकन के 3 प्रकरण 6 माह की अवधि से लंबित है। जबकि सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत 45 दिनों के अंदर होना आवश्यक है। वहीं राजस्व निरीक्षक द्वारा कर्तव्यों का वहन न किए जाने और लापरवाही बरतने के कारण कलेक्टर द्वारा यह कार्रवाई की गई है। वही निलंबन अवधि में राजस्व निरीक्षक रंजन सिंह कुरवाई का मुख्यालय बालाघाट तिरोड़ी कार्यालय रखा गया है।

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