मुरैना/संजय दीक्षित

कोरोना (corona) के इस संक्रमण काल में लोगों को स्वास्थ्य विभाग (health department) सलाह दे रहा है कि वह अपना चेहरा ढंककर निकले और कम से कम मुंह और नाक तो पूरी तरह से ढंककर रहे। इसके लिए आमतौर पर लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी जाती है। लेकिन कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (narendra modi) यह कह चुके हैं कि मास्क ना होने की स्थिति में लोग गमछे को उसकी जगह इस्तेमाल कर सकते हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने तो बाकायदा डेमो देकर यह बताया था कि किस तरह से गमछे का इस्तेमाल करके कोरोना के संक्रमण से बचा जा सकता है।

लेकिन मुरैना (morena) की कलेक्टर (collector) प्रियंका दास (priyanka das) शायद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की इस बात से सहमत नहीं हैं। उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह चेहरे पर गमछा लपेटकर नहीं, केवल मास्क लगाकर आएं और मास्क यदि नहीं मिलता है तो इसके लिए बाकायदा स्टॉल लगाकर 10 रूपये में मास्क कलेक्ट्रेट के बाहर बेचा जा रहा है। कलेक्टर ने इस आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। दरअसल इस तरह की कार्रवाई इंदौर के कलेक्टर भी पूर्व में कर चुके हैं। लेकिन आदेश जैसे ही वायरल हुआ था उन्हें तुरंत अपना आदेश वापस लेना पड़ा था।