चम्बल नदी में मगरमच्छ की मौत से अधिकारियों में हड़कंम, विसरा रिपोर्ट का इंतज़ार

मुरैना, संजय दीक्षित। चंबल नदी के किनारे उसेध घाट पर एक मगरमच्छ मृत अवस्था में मिला, जिसके बाद इसकी सूचना अंबा रेंज के आला अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अंबाह के रेंजर दीपक शर्मा और रेंज ऑफिसर आर के एस राठौर भी वन विभाह की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

नहीं मिले चोट के निशान
घाट पर पहुंची वन विभाग की टीम को करीबन 9 फीट लंबा मगरमच्छ मृत अवस्था में चंबल नदी में तैरता हुआ मिला। आशंका जताई जा रही थी की मगरमच्छ की हत्या रेत माफियाओं के द्वारा की गई है। लेकिन जब मगरमच्छ को नदी से बाहर निकाला तो उसे शरीर पर किसी भी तरह की चोट के निशान नहीं दिखे, इसलिए इसे सामान्य मौत मानी जा रही है। यदि कोई बीमारी रही होगी तो विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चल जाएगा।

पीएम रिपोर्ट में पता चलेगा मौत का कारण
अंबाह के रेंजर दीपक शर्मा का कहना है कि मगरमच्छ की मौत रेत माफियाओं के द्वारा नहीं हुई है यह शायद प्राकृतिक मौत है। मगरमच्छ के पीएम के बाद ही सारी घटना का पता चल सकेगा की आखिर मगरमच्छ की मौत किन कारणों से हुई है। वन विभाग की टीम ने मृत मगरमच्छ को नदी से बाहर निकाला कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जिसके बाद मगरमच्छ के शव का चंबल नदी के ही किनारे पर अंतिम संस्कार किया गया।