Corona संक्रमण का खतरा बढ़ा, तो दुकानदारों ने अफवाह फैलाकर बढ़ाये दाम, प्रशासन भी हुआ लापरवाह

मुरैना के बाजारों में गुटखा की कालाबाजारी शुरू कर दी गई है। जिसमें रिटेल में ₹20 का राजश्री का पाउच 25 में बेचा जा रहा है। तो वहीं का 10 रुपए का पाउच 15 रुपए में बेचा जा रहा है।

मुरैना, संजय दीक्षित। देश के कई शहरों में लॉकडाउन (Lockdown) व नाईट कर्फ्यू (Night Curfew) की खबरें आप सब सुना रहे होंगे। इसी बीच मुरैना के बाजारों में 5 दिन से लॉकडाउन घोषित होने की अफवाह फैलाई जा रही है। इसके चलते रविवार से अंबाह, पोरसा सबलगढ़ और मुरैना के बाजारों में गुटखा की कालाबाजारी शुरू कर दी गई है।
जिसमें रिटेल में ₹20 का पाउच 25 में बेचा जा रहा है। तो वहीं राजश्री (Rajshree)का 10 रुपए कीमत का पाउच 15 रुपए में बेचा जा रहा है। खेरिज बाजार में शनिवार से आटे की रेट 5 रुपए किलो, दाल के रेट 5 रुपए किलो और चीनी के दाम 3 से 4 रुपए किलो मंहगे कर दिये गये हैं, क्योंकि कारोबारियों ने दुकानदारों को स्टॉक शॉट होने की बात कहकर अफवाह फैला दी है। जिसके चलते दुकानदारों ने स्टॉक भरना शुरू कर दिया है। लेकिन, प्रशासन कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही हैं। अब देखना ये होगा कि व्यापारी अपने मंसूबों पर कामयाब होते हैं, या फिर प्रशासन उनके मंसूबों पर पानी फेरता है।

ये भी पढे़- शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान- सरकार के इस कदम से युवाओं को मिलेगा रोजगार

कोरोना टेस्टिंग में कर रहे ढिल, न की जा रही यात्रियों की स्क्रीनिंग न टेस्टिंग
इसके साथ ही मुरैना जिले में मार्च के महीने में जैसे-जैसे कोरोना (Corona) की रफ्तार शुरू हुई वैसे-वैसे स्वास्थ्य विभाग लापरवाह नजर आने लगा है। फरवरी के महीने में 3 दिन में सिर्फ एक मरीज कोरोना संक्रमित मिला था। तब रोज करीब 307 सैंपल भेजे जा रहे थे। लेकिन, अब मार्च महीने में जब रोजाना दो कोरोना संक्रिमित हो रहे हैं तब रोज सिर्फ 225 सैंपल ही लिए जा रहे हैं। मार्च के महीने में 12 दिन में करीब 25 संक्रमित मिल चुके हैं। इसके बावजूद न तो सेम्पलिंग (Sampling) बढ़ाई गई और न ही वैक्सीन (Vaccine) की रफ्तार तेज की गई है। सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि जिला अस्पताल सहित निजी नर्सिंग होम में आने वाले मरीजों या प्रसूताओं के सैंपल भी नहीं लिए जा रहे हैं। साथ ही राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल से आने वाले ट्रेन यात्रियों की स्क्रीनिंग (Thermal Screening) भी नहीं की जा रही है। सूत्रों की मानें तो कई राज्यों ने बगैर निगेटिव रिपोर्ट के प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में प्रदेश से बाहर जाने वाले मुरैना के लोग कोरोना की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। लेकिन, उनकी जांच नहीं की जा रही है। जांच में देरी के कारण लोगों को अपनी यात्रा भी टालनी पड़ रही है।

ये भी पढे़- MP ब्रेकिंग न्यूज की खबर का हुआ असर, भ्रष्टाचार में लिप्त गहिलरा कंप्यूटर ऑपरेटर को कलेक्टर ने किया निलंबित