मां ने बताया मुहर्रम के दिन मरने वालों को जन्नत नसीब होती है, सुनते ही बेटी ने लगा ली फांसी

इंदौर में 15 साल की एक नाबालिग ने मोहर्रम के दिन फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। उसने सुसाइड से पहले अपनी मां से कुछ बात-चीत की थी, जिसके बाद उसने खुदकुशी का कदम उठाया।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर (Indore) में जहां एक ओर मुहर्रम (Muharram) पर्व को लेकर शहर में तैयारियां चल रही थीं वहीं दूसरी ओर इंदौर के एक परिवार में मुहर्रम के दिन मातम का साया फैल गया। मध्य प्रदेश के इंदौर में 15 साल की किशोरी ने मोहर्रम के दिन फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। उसने सुसाइड से पहले अपनी मां से पूछा था कि- क्या इमाम हुसैन आज ही के दिन शहीद हुए थे? क्या आज जिन लोगों की मौत होगी वो जन्नत में जाएंगे? किशोरी बेटी के इस सवाल का जवाब देते हुए मां ने कहा- हां। इसके कुछ देर बाद ही बेटी ने फांसी लगा कर खुदकुशी कर ली।

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दरअसल, पूरा मामला इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र का है जहां चंपा बाग में रहने वाली 11वी की छात्रा राबिया ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किशोरी ने फांसी लगाने से पहले अपनी मां से मुहर्रम और इमाम हुसैन के बारे में पूछा था। किशोरी राबिया ने पूछा कि क्या आज के दिन इमाम हुसैन शहीद हुए थे और आज मरने वाले लोग क्या जन्नत जाएंगे। मां ने बेटी को बताया कि हां आज के दिन मरने वाले लोग जन्नत जाते हैं। इसके कुछ ही देर बाद लड़की ने अपने कमरे में जाकर कपड़े का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। वहीं जब राबिया को उसके पिता ने खाना खाने के लिये बुलाया तो वह नहीं आई। बेटी को बुलाने पिता उसके कमरे गये। दरवाज़ा नहीं खुला तो परिजनों ने गेट तोड़ा तो उन्होंने बेटी को फंदे पर लटका पाया। देखते ही किशोरी के परिजन उसे तत्काल फंदे से उतारकर अस्पताल लाए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल में भेज दिया।