MP Tourism: नए साल में बना रहे हैं महाकाल दर्शन का प्लान, यहां देखें कैसी है व्यवस्था

MP Tourism News: बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन (Mahakal Darshan) करने के लिए उज्जैन (Ujjain) पहुंचते हैं। इस साल भी लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के आंगन से अपने नए वर्ष (New Year) की शुरुआत करेंगे। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए दर्शन की व्यवस्थाओं में एक बार फिर से बदलाव कर दिया गया है। आप भी नए साल में बाबा महाकाल के दर्शन करना चाहते हैं तो नई दर्शन व्यवस्था के बारे में जानकारी जरूर लें।

यहां से लगेगी कतार

महाकाल मंदिर समिति की ओर से रविवार और सोमवार को लगने वाली भीड़ को देखते हुए त्रिवेणी संग्रहालय से भक्तों की लाइन लगाने का फैसला लिया गया है। त्रिवेणी संग्रहालय से होते हुए श्रद्धालु नंदी द्वार पहुंचेंगे और बैरिकेडिंग के माध्यम से मानसरोवर से होते हुए गणेश मंडपम तक आएंगे। इसके बाद बाबा के दर्शन करते हुए भक्त महाकाल लोक में बनाए गए पिनाकी द्वार से बाहर हो जाएंगे।

महाकाल मंदिर समिति द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक रविवार और सोमवार का दिन होने से लगभग 6 लाख श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है साथ ही लड्डू प्रसादी की भी डबल डिमांड पहले से ही कर दी गई है। इन 2 दिनों के लिए 70 क्विंटल प्रसादी तैयार करने के आदेश समिति की ओर से जारी कर दिए गए हैं।

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गणेश मंडपम से मिलेंगे दर्शन

31 दिसंबर को शनिवार है और साल का पहला दिन रविवार को पड़ रहा है। वीकेंड होने के चलते मंदिर में भारी भीड़ होने की संभावना जताई गई है। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था सुगम बनाने के साथ पीने के पानी का इंतजाम भी किया गया है। अब तक तैयार किए गए प्लान के मुताबिक सभी भक्तों को गणेश मंडपम से ही बाबा महाकाल के दर्शन करवाए जाएंगे।

प्रोटोकॉल को यहां से प्रवेश

भीड़ ज्यादा होने के चलते महाकाल लोक की ओर से ही भक्त मंदिर में एंट्री कर सकेंगे। बड़े गणेश मंदिर के सामने और प्रशासक ऑफिस की तरफ से भक्तों को एंट्री नहीं दी जाएगी। वीआईपी भक्तों को बेगम बाग से निकालते हुए भारत माता मंदिर और प्रशासक कार्यालय के सामने से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। जो भक्त 250 रुपए की रसीद लेकर शीघ्र दर्शन करना चाहते हैं। वह महाकाल थाना के पीछे से एंट्री लेते हुए बड़े गणेश के पास स्थित गली से 4 नंबर गेट से होते हुए मंदिर में प्रवेश करेंगे। 4 नंबर गेट से शीघ्र दर्शन रसीद, पंडे पुजारी और मीडिया को प्रवेश दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं

नए साल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए पहुंचेंगे ऐसे में पानी पीने की व्यवस्था और टॉयलेट की सुविधा के साथ जूते चप्पल रखने की व्यवस्था के लिए भी अलग-अलग काउंटर तैयार किए गए हैं। पार्किंग स्थल पर 10000 थैली वाला जूता काउंटर बनाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 10 पुलिस सहायता केंद्र भी तैयार किए गए हैं और मंदिर प्रशासन के कर्मचारी भी हर जगह तैनात रहेंगे। कुछ एडिशनल कर्मचारियों की ड्यूटी भी खासतौर पर लगाई गई है। सुरक्षा की दृष्टि से 500 पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालने में और 350 पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे। सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी जाएगी।

पार्किंग व्यवस्था

महाकाल दर्शन के लिए इंदौर और देवास रोड से आने वाले दर्शनार्थी हरि फाटक ब्रिज से लेफ्ट टर्न लेते हुए कर्कराज पार्किंग में अपने वाहन खड़े कर सकेंगे। यह श्रद्धालु फैसिलिटी सेंटर के पास त्रिवेणी संग्रहालय पर अपने जूते, चप्पल, मोबाइल और बैग रख सकेंगे। इसके बाद महाकाल लोक से प्रवेश करते हुए मानसरोवर द्वार जाएंगे और दर्शन करते हुए पिनाकी द्वार से बाहर निकल जाएंगे। जो श्रद्धालु नीमच, रतलाम और बड़नगर रोड से आएंगे वह कार्तिक मेला ग्राउंड में वाहन पार्क कर त्रिवेणी संग्रहालय से महाकाल लोक के नंदी द्वार होते हुए मानसरोवर द्वार पहुंचेंगे और बाबा के दर्शन करेंगे।

लड्डू प्रसादी काउंटर

इन 2 दिनों में लगभग 70 क्विंटल लड्डू प्रसादी भक्तों द्वारा खरीदे जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर का प्रसाद काउंटर बंद कर सप्त ऋषि के पास दो और नंदी द्वार समेत पार्किंग में प्रसादी काउंटर लगाया जाएगा।

गर्भगृह में प्रवेश बंद

मंदिर में 22 दिसंबर से ही भीड़ का दबाव देखा जा रहा है जो नए साल तक जारी रहने वाला है इसीलिए 24 दिसंबर से 5 जनवरी तक गर्भ गृह में प्रवेश बंद रखा गया है। पंडे पुजारी ही गर्भगृह में जा सकेंगे और दर्शनार्थियों को बैरिकेड से दर्शन होंगे। गर्भगृह में प्रवेश के साथ ही भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग भी 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए ब्लॉक कर दी गई है। भक्तों को ऑफलाइन अनुमति लेनी होगी।