नरसिंहपुर| सरपंच से रिश्वत लेना सीइओ जनपद पंचायत को महंगा पड़ गया| कोर्ट ने आरोपी अधिकारी को चार साल की सजा सुनाई है| विशेष न्यायालय (पीसी एक्ट) नरसिंहपुर एसके पांडे के न्यायालय से मप्र राज्य विरूद्ध प्रदीप शर्मा में धारा 7, 13(1), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत 4 वर्ष के कारावास एवं 10,000 रू के अर्थदंड से दंडित किया गया।

मामला साल 2015 का है, जब साईंखेड़ा जनपद पंचायत के सीईओ प्रदीप शर्मा को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया| सीईओ ने सरपंच से एनओसी के बदले 20 हजार रुपये की मांग की थी, जिसकी पहली किश्त के रूप में वह 10 हजार रुपये पहले ही ले चुका था।  साईंखेड़ा की ग्राम पंचायत खेरी पाली के सरपंच अजय द्विवेदी ने जबलपुर लोकायुक्त से इस सम्बन्ध में शिकायत की थी| 

अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले प्रदीप कुमार भटेले विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि 16 जनवरी 15 को शिकायतकर्ता अजय द्विवेदी सरपंच ग्राम पंचायत खैरी पाली ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर को लिखित शिकायत की। शिकायत में उन्होंने बताया कि आरोपी प्रदीप शर्मा सीइओ जनपद पंचायत साईखेड़ा द्वारा जनभागीदारी एवं सुदूर सडक निर्माण कार्य के भुगतान के लिए दबाव बनाकर 20,000 रुपए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के आवेदन पत्र पर कार्रवाई करते हुए एक टेप रिकार्ड ईश्यू किया गया जिसमें आरोपी और शिकायतकर्ता की रिश्वती वर्ता रिकार्र्ड होने पर ट्रेप दल गठन किया गया। ट्रेप कार्रवाई में आरोपी प्रदीप शर्मा को 16 जनवरी 15 को 10,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथो पकडा और आरोपी के हाथ धुलाए जाने पर घोल रंग गुलाबी हो गए। पैरवी करते हुए साक्षीगणों को न्यायालय में परिक्षित कराया एवं तर्क प्रस्तुत किये। जिस पर न्यायालय न अपने निर्णय के आधार पर आरोपी को 4 वर्ष कारावास एवं 10,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।