मौत बनी मिस्ट्री- परिजनों का आरोप सुसाइड नोट में राजनीतिक रसूखदारों के नाम, इसलिए दबाया जा रहा मामला

Neemuch Suicide Case In : नीमच में एक व्यक्ति इंद्रनारायण द्वारा विवाद के बाद आत्महत्या के मामले में पुलिस अब तक तह तक नहीं पहुंच पाई और आत्महत्या तक एक मिस्ट्री बन कर रह गई है। कारण बताते हैं कि सुसाइड नोट में राजनीतिक रसूखदार लोगों के नाम के चलते मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी और पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में सभी लोगों के बयान किए जा रहे हैं और बयान के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।

 

की थी आत्महत्या

बताया जा रहा है 1 माह पूर्व एक विवाद के दौरान युवक बीच-बचाव करने गए थे इसी दौरान इनके साथ भी मारपीट हो गई। इससे युवक डिप्रेशन में आ गया, और उसने आत्महत्या कर ली।

यह है मामला

जानकारी के अनुसार 23 नवंबर को इंद्रनारायण ने अपनी किराना दुकान में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर शव को रात्रि में शवघर में रखवा दिया। दूसरे दिन पोस्टमार्टम के दौरान युवक की छाती पर एक 7 पेज का सुसाइड नोट मिला।पोस्टमार्टम पैनल से किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया, और जावद पुलिस आत्महत्या के कारण का पता लगाने में जुट गई। लेकिन, एक माह 7 दिन के बाद भी पुलिस मामले में आरोपी तक नहीं पहुंच पाई।

परिजन बोले- आरोपी को बचाया जा रहा है

मृतक का पुत्र अभिषेक कहना है कि 23 नवंबर 2022 को शाम को 30 से 40 लोगों ने मेरे पिताजी के साथ मारपीट की। उसकी वजह से उन्होंने सुसाइड किया। सुसाइड नोट में जो लिखा है उसके आधार पर जिन लोगों के नाम सुसाइड नोट में हैं, उनके ऊपर कार्रवाई की जाए। 7 बजे करीबन मेरे पिताजी के साथ मारपीट हुई, उसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। हम सब लोग मौके पर पहुंचे पुलिस को जानकारी दी और शव को पीएम करवाया। आरोपियों को बचाया जा रहा है।

सुसाइड नोट में है राजनीतिक रसूखदारओं के नाम, इसलिए मामला दबाया जा रहा है।
सामान्यतया देखने में आता है कि सुसाइड नोट की जानकारी पुलिस या अन्य माध्यम से घटना के दिन ही पूरा सुसाइड नोट मिल जाता है लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के आधार पर बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में भाजपा से जुड़े नेताओं के जिसमे जावद नगर परिषद अध्यक्ष का नाम भी सुसाइड नोट में है जिसके चलते पूरे मामले को दबाया जा रहा है। जिसमें बताते हैं कि जावद नगर समेत अन्य प्रमुख भाजपा नेताओं एवं पदाधिकारियों के नाम इस सुसाइड नोट में है, जिसके चलते पूरे मामले पर पर्दा डाला जा रहा है।

बयान में भी हो रही है अलग अलग ढंग से जांच।
मृतक के समीपस्थ रहने वाले लोग बताते हैं कि पुलिस इस पूरे मामले में बयानों में भी पक्षपात कर रही है जहां एक पक्ष विशेष को पॉजिटिव रुप में बात की जा रही है और बयान लिखे जा रहे हैं वहीं दूसरे पक्ष के नेगेटिव रूप में बात की जा रही है और उनके उसी ढंग से बयान लिखे जा रहे हैं। पूरे मामले में जावद एसडीओपी रामकुमार तिलक मालवीय का कहना है कि आत्महत्या का मामला सामने आया था। उसमें एक सुसाइड नोट मिला है। जावद थाना प्रभारी तथ्यों के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं तथा पूरे मामले में जावद टीआई की जांच कर रहे हैं और वही पूरी जानकारी दे पाएंगे।

एक सप्ताह में होगा पूरा खुलासा।

जावद टी आई राजेश चौहान से चर्चा करने पर बताया कि पूरे मामले में सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है तथा बयान लिए जा रहे हैं बयान के आधार पर ही पूरे मामले में सुसाइड नोट का खुलासा किया जाएगा तथा एक सप्ताह के भीतर सुसाइड नोट का पूरा खुलासा हो पाएगा।

नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट