महिला आरक्षक ने 3 युवकों पर लगाया सामूहिक दुष्‍कर्म का आरोप, आरोपियों ने वीडियो भी बनाया

नीमच, कमलेश सारडा। जिले के महिला थाने पर एक बेहद अजीबो-गरीब और चौका देने वाला मामला प्रकाश में आया है। जहां एक महिला आरक्षक ने 3 युवकों पर सामूहिक दुष्‍कर्म का आरोप लगाया हैं। महिला आरक्षक पूर्व में नीमच जिले में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं एवं नीमच जिले की ही निवासी हैं। आरक्षक महिला की शिकायत पर आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया गया हैं। वहीं मामले की तरफ्तीश करते हुए दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया हैं। पीडित महिला आरक्षक वर्तमान में इंदौर अपनी सेवाएं दे रही हैं।

फिर आया मामला सरकारी राशन की कालाबाज़ारी का, क्राइम ब्रांच और खाद्य विभाग की कार्रवाई

13 सितम्‍बर को नीमच महिला थाने पर एक शिकायत की गई। एक महिला आरक्षक ने उसके साथ घटी घटना बताते हुए शिकायत की कि उसके साथ मनासा में सामूहिक दुष्‍कर्म किया गया हैं। साथ ही दुष्‍कर्म का वीडियो भी बनाया गया हैं और दुष्‍कर्म की बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बलावा बात को दबाने के लिए 1 लाख रूपए की मांग भी की गई। शिकायत प्राप्‍त होने के बाद महिला थाना इंचार्ज अनुराधा गिरवाल ने तफ्तीश प्रारंभ की और 20 सितम्‍बर को 3 युवकों के विरूद्ध भादवि की धारा 376, 376 बी एवं 506 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया। आरापियों में पवन पिता पप्पू लौहार, निर्मला पति पप्‍पू लौहार, सहयोगियों में धीरेंद्र लौहार, विजय लौहार सभी निवासी रामपुरा नाका मनासा एवं गोपाल लौहार निवासी मन्दसौर के विरूद्ध प्रकण दर्ज कर लिया गया हैं।

उप लोकायुक्त के पीए ने सुसाइड का किया प्रयास, आईएएस पर प्रताड़ना का आरोप

नीमच निवासी महिला आरक्षक ने शिकायत में बताया कि आरोपी पवन लौहार ने सोशल मीडिया के माध्‍यम से उससे दोस्‍ती की थी। काफी दिनों तक दोस्‍ती जारी रही, फिर दिनांक 09 जून 2021 को आरोपी ने बर्थ-डे पार्टी के बहाने मनासा बुलाया और साथियों के साथ मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्‍कर्म किया। आरक्षक ने बताया कि धीरेन्‍द्र लौहार ने दुष्‍कर्म का वीडियो भी बनाया हैं। साथ ही दुष्‍कर्म की बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी । इसके बाद पवन लौहार के मंदसौर निवासी फुफा गोपाल लौहार लगातार 1 लाख रूपए की मांग कर रहे। महिला आरक्षक की शिकायत के बाद मुख्‍य आरोपी पवन पिता पप्‍पू लौहार व उसकी मां निर्मला लौहार को गिरफ्तार कर लिया गया हैं। पवन लौहार 27 सितम्‍बर तक पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि माता निर्मला को जेल भेज दिया गया हैं