नीमच मंदसौर जावरा फोरलेन है मौत का डगर, मंत्री सखलेचा ने उठाई एफआईआर की मांग

मंत्री सखलेचा की विधानसभा से उठी एमपीआरडीसी व फोरलेन टोल कंपनी के खिलाफ एफआईआर कराने की मांग।

नीमच, कमलेश सारडा। जावरा-नयागांव फोरलेन (Nayagaon Javra Fourlane) पर एक के बाद एक बड़े हादसे हो रहे है जिसे लेकर ये फोरलेन फिर से विवादों में आ गया है जब से ये फोरलेन बना है तभी से इसमें तकनीकी खामियों के चलते बड़ी संख्या में हादसे हो रहे है और हादसों में लोगो की मौतों को लेकर शिकायते भी हो रही थी। लेकिन किसी ने भी इस और अब तक ध्यान नहीं दिया। ऐसे में अब एक बार फिर हाल ही में जावद चौराहा के समीप हुए हादसें में 16 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे। ये सभी मजदूर थे इस हादसे में किसी की मौत तो नही हुई लेकिन हादसे का कारण यहा बनें फोरलेन में भारी गड़बड़ियों को माना गया है। जिसे लेकर मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा (minister sakhlecha) के प्रतिनिधि ने भी एमपीआरडीसी व फोरलेन टोल कंपनी के अधिकारीयों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा है।

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बता दें कि जिसके बाद एमपीआरडीसी और फोरलेन कंपनी के टोल अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जैसा की आपको पता है कि जिले से गुजरने वाले हाईवे क्रमांक- 79 पर नयागांव समीप मजदूरों से भरे ट्रेक्टर-ट्रॉली को सडक पार करते समय ट्रक ने मंगलवार को जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे ट्रॉली पलटने से हादसे में करीब 19 मजदूर लोग घायल हो गये थें। ये सभी मजदूर झाबुआ जिले के गांव छायन के निवासी थे। प्रतिदिन की तरह मंगलवार को करीब 15 से अधिक मजदूर मजदूरी के लिए ट्रैक्टर में सवार होकर जा रहे थे। तभी नयागांव फोर लाइन पर सडक़ पार करने के दौरान ट्रक चालक द्वारा जोरदार टक्कर मार दी गई। जिससे ट्रेक्टर-ट्रॉली पलटने से हादसे में कई लोग घायल हो गयें। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराय गया था तो कुछ को उदयपुर रैफर किया गया था। वहींं आरोपी चालक को हिरासत में लेकर दुर्घटना में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

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मौत का फोरलेन-
नायगांव से जावरा फोरलेन अब मौत का फोरलेन के नाम से पहचाने जाने लगा है यहां सड़क निर्माण कंपनी द्वारा की गई तकनीकी खामिया किये जाने का खामियाजा इस सड़क से गुजरने वाले लोगों को अपनी जान से गवां कर भोगना पड़ रहा है इस पूरी सड़क में सबसे बड़ी खामी ये है की ये रोड छोटी कर दी गई वही इसके दोनों और का शोल्डर ही मापदंडो के अनुसार नहीं बनाया गया। साथ ही कई ऐसे चौराहे जहाँ ओवर ब्रिज बनाना था वह नहीं बनाये गए है जोकि डेंजर जोन में तब्दील हो गए और जब यहाँ हादसे बड़े तो इस खामी को छुपाने के लिए उन चौराहों पर स्पीडब्रेकर बना डाले जो फोरलेन के तय मापदंडो के विपरीत है जिनकी वजह से अब और हादसे बढ गए है साथ ही हाल ही में हुए हादसें का कारण भी वो कट माने जा रहे है जो फोरलेन में निर्माण में था ही नही। यहां जबरदस्ती एमपीआरडीसी व फोरलेन टोल कंपनी ने कट बना दिया। जिसके चलते यहां हादसे हो रहे है अब पहली बार मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने मौत के इस फोरलेन को लेकर कोई कार्रवाई या सुधार किये जाने की आवाज उठाई है जानकारों के अनुसार पिछलें 9 माह में 56 दर्दनाक सड़क हादसों में 16 लोगो ने जान गंवाई है साथ ही 76 लोग घायल भी हुए है।