Neemuch News: बिगड़ती कानून व्यवस्था और लव जिहाद मामले में लोगों ने विहिप के बंद का समर्थन किया

नागरिकों ने स्वेच्छा से विहिप के बंद का साथ दिया। रतनगढ़ में भी बंद को मिला पूर्ण रूप से समर्थन, व्यापारियों ने स्वेच्छा से बंद रखा व्यापार।

नीमच, कमलेश सारडा। जिले में लगातार बिगड़ रही कानून व्यवस्था और बढ़ते लव जिहाद के मामलों को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल ने 4 अप्रैल सोमवार को बंद का आव्हान किया था। विहीप व बजरंग दल के बंद को नीमच शहर की सामाजिक, व्यावसायिक, शैक्षणिक व ट्रांसपोर्ट यूनियन, राजपूत करणी सेना, कांग्रेस सहित कई संगठनों का समर्थन मिला। जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी व मनासा की कृषि उपज मंडी भी विहिप के बंद के समर्थन में बंद रही।

यह भी पढ़ें – New Bike launch स्पोर्ट्स बाइक के शौकीन युवाओं के लिए Yamaha लांच करने जा रहा MT 15, जाने इसकी खासियत

जिला मुख्यालय के अतिरिक्त जावद, मनासा, जीरन, रामपुरा, रतनगढ़, सिंगोली, नयागांव सहित अन्य नगरीय निकायों व ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंद का असर दिखाई दिया। नागरिकों ने स्वेच्छा से विहिप के बंद का साथ दिया। रतनगढ़ में भी बंद को मिला पूर्ण रूप से समर्थन, व्यापारियों ने स्वेच्छा से बंद रखा व्यापार। दरअसल 14 माह से लापता आतरी माता निवासी नेहा जोशी के मामले में पिता राकेश जोशी कलेक्ट्रेट में 24 दिनों से अनशन पर बैठे थे।

यह भी पढ़ें – Jabalpur News: तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर, युवा किसान की दर्दनाक मौत

24 दिन बाद पुलिस प्रशासन ने पीड़ित को जिला चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती करा दिया था। इधर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने पीड़ित पिता राकेश जोशी के समर्थन में आज जिला बंद का आह्वान किया था। जिसके समर्थन में रतनगढ़ नगर में भी व्यापारियों ने बिना किसी दबाव के अपनी स्वेच्छा से अपने अपने व्यवसाय बंद रखें। रतनगढ़ नगर में जिला बंद के आह्वान को पूर्ण रुप से समर्थन मिला।

यह भी पढ़ें – Jabalpur News: शराब दूकान में महिलाओ नें जड़ दिया ताला, देखती रह गई पुलिस और आबकारी विभाग

विगत 14 माह पूर्व लापता हुई नेहा जोशी के मामले में मनासा पुलिस की लापरवाही को लेकर परशुराम, विश्व हिंदू परिषद सहित अनेक संगठनों ने नीमच जिला बन्द का आव्हान किया है। उसी कड़ी में आज मनासा नगर सम्पूर्ण बन्द है। सभी व्यापारियों ने स्वेछा से अपना-अपना कारोबार बन्द रखकर समर्थन दिया है। इस दौरान नागरिकों व यात्रियों को चाय, नाश्ता सहित अन्य वस्तुओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। शिक्षण संस्थाएं भी बन्द रही। विहिप के बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा।