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जिले में सबसे ज्यादा हालत खराब नीमच विधानसभा की है। यहां से भाजपा प्रत्याशी व विधायक का गांव-गांव विरोध होने लगे और इसी क्रम को रोकने के लिए रविवार को केंद्रीय मंत्री ने भादवामाता में आमसभा हुई। सभा में बहुत कम लोग पहुंचे। इधर, कांग्रेस प्रत्याशी को गांव-गांव समर्थन मिल रहा है।

नीमच। श्याम जाटव।

भाजपा प्रत्याशी दिलीपसिंह परिहार के समर्थन में आरोग्य तीर्थ स्थल ग्राम भादवामाता में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर की आमसभा का आयोजन किया गया। इस सभा में अंगुलियों पर गिनने लायक लोग ही पहुंचे। मंत्री तोमर के कार्यक्रम में महज 500  से ज्यादा लोग नहीं थे। गौरतलब है कि विधायक परिहार के खिलाफ मतदाताओं  में आक्रोश है और इसी को डेमेज करने के लिए केंद्रीय मंत्री तोमर को क्षेत्र मे आना पड़ा।

-सौंधिया समाज ने किया किनारा

जानकारी के अनुसार भादवामाता में करीब ५ हजार लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया। प्रत्याशी परिहार से सौंधिया समाज के लोगों ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। इस क्षेत्र में सौंधिया का दबदबा है और भाजपा का परंपरागत वोट माना जाता है। शिवाजी सागर बांध मामले में किसान आंदोलन हुआ था। इसी दौरान सौंधिया समाज के १३० लोगों के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। मामले में विधायक परिहार ने पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ कोई बात नहीं की। इसी वजह से सौंधिया समाज के लोगों ने विधायक परिहार से दूरी बना रखी हैं।

-कई गांव में विरोध के स्वर

भाजपा प्रत्याशी परिहार प्रचार के लिए विधानसभा के प्रत्येक गांव में दौरा कर रहे है लेकिन कई जगह पर उनका खुलेआम विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया पर प्रतिदिन परिहार के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट और ५ साल तक विकास नहीं करने पर आक्रोश फैल रहा हैं। प्रत्याशी परिहार के खिलाफ भरभडिय़ा, भोलियावास समेत कई जगह पर विरोध में नारेबाजी हुई।

-ब्राह्मण समाज नाराज

नीमच विधानसभा करीब 40  हजार ब्राह्मण मतदाता है और भाजपा का परंपरागत मतदाताा है। पार्टी ने टिकट वितरण में समाज के लोगों की उपेक्षा की गई। इसी वजह से आक्रोश की आग फैल रही हैं। वहीं कांग्रेस एकजूट होकर चुनावी समर में उतर गई। इस बार मरो या करो जैसी स्थिति पैदा हो गई। क्षेत्र में पाटीदार, गुर्जर समेत पूरा ओबीसी वर्ग उपेक्षित है। इस वजह से भी चुनाव में समीकरण बिगडऩे के हालात बन चुके है।