एक बार फिर लक्ष्मण सिंह ने BJP पर निशाना साधा, चाचौड़ा को जिला बनाने पर सीएम से किया सवाल

गुना, विजय कुमार जोगी

प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उनके छोटे भाई लक्ष्मण सिंह चाचौड़ा तहसील को जिला बनाने की मांग अक्सर उठाते रहते है। एक बार फिर कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट के जरिए चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग उठाई है। लक्ष्मण सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा है कि प्रदेश सरकार के “सुशासन वेबिनार” का निष्कर्ष” योजनाओं को दबाया नहीं जाएगा।” चाचौड़ा को जिला बनाने की योजना को शिवराज जी ने भी समर्थन दिया था। कब बनेगा ?

क्यों उठाई जा रही है चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग

बता दें कि चाचौड़ा प्रदेश में पिछड़ी तहसीलों में है। ये स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के नजरिए से सबसे पिछड़ी तहसील मानी जाती है। लोगों का मानना है कि चाचौड़ा का तहसील बन जाने से इसका विकास होगा और ये मुख्यधारा से भी जुड़ पाएगा। चाचौड़ा को तहसील बनाने के लिए लोगों ने कई बार एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा है।

चार दिवसीय वेबिनार का आयोजन

दरअसल आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का रोडमैप बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चार दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। कोरोना काल में देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है, जिसके चलते प्रदेश के सीएम शिवराज ने वेबिनार को आयोजित किया जिसमें विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। सरकार का कहना है कि आए गए जरूरी सुझावों पर अमल किया जाएगा। बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, अन्य मंत्रियों और विशेषज्ञों के साथ हुई बैठक में पांच मूल मंत्र निकल कर सामने आए है। विषय विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों के मद्देनजर यह बात सामने आई है। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगभग साल लक्ष्य रखे गए हैं, जिसके चलते मंत्री समूह अपना ड्रॉफ्ट 25 अगस्त तक सबमिट करेंगे। इसके बाद 31 अगस्त कर इस ड्राफ्ट को नीति आयोग फाइन करेगा। नीति आयोग के फाइनल करने के बाद 1 सितंबर को ड्रॉफ्ट लागू कर दिया जाएगा।

पांच मूल मंत्रों पर किया गया विचार

• सबके लिए पढ़ाई और कमाई
प्रदेश में रोजगार को बढ़ाने के लिए शिक्षा पर जोर देने के साथ ही रोजगार दिलाने पर भी जोर दिया जाएगा, जिसके लिए छात्रों को सिक्ल आधारित शिक्षा दी जाएगी

• एक जिला एक पहचान

इसके तहत जिलों की पहचान की जाएगी, जिसके लिए वोकल फॉर लोकल की दर्ज पर काम किया जाएगा और जिले के उत्पादों को अंतराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई जाएगी। वहीं हर जिले की खूबी को दुनिया में पहचान दिलाई जाएगी।

• जॉब पोर्टल शुरू होगा

बढ़ती रोजगार की समस्या को देखते हुए प्रदेश में जॉब पोर्टल की शुरुआत की जाएगी, जिसकी मदद से युवाओं को उनकी स्किल के हिसाब से नौकरी मिल सके। युवा अपनी एलिजिबिलिटी के हिसाब से पोर्टल पर अपने लिए जॉब ढूढ़ सकेंगे।

• CSR और युवा उद्यमी योजना की होगी शुरुआत

प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए युवा उद्यमी योजना की शुरुआत की जाएगी.

• लोकल फॉर वोकल

प्रदेश में लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा दिए जाएगा, जिसके तहत मध्य प्रदेश के उत्पादों को ब्रांड बनाया जाएगा, जिसके चलते एग्रीकल्चर प्रोसेसिंग को भी बढ़ावा मिलेगा।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

वहीं कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पहले ये बताए कि केंद्र सरकार के द्वारा दिए गए 20 लाख करोड़ के पैकेज से प्रदेश को कितना लाभ मिला है। वहीं कांग्रेस ने वेबिनार के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया है।