एक बार फिर माड़ा पुलिस के जांबाज जवानों ने नदी में आई बाढ़ के बीच रेस्क्यू कर 4 बच्चों को बचाया

सिंगरौली/राघवेन्द्र सिंह गहरवार।
सिंगरौली जिले में लगातार हो रही बारिश ने 6 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिससे क्या नदी क्या नाले सभी उफान पर है। इसी बीच माड़ा थाना अंतर्गत जरहा नदी में 4 बच्चे मछली पकडऩे गए हुए थे। तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और बाढ़ आ गई। जिससे बच्चे बाढ़ के बीच में नदी के एक टापू पर फंस गए। वहां मौजूद लोगों ने माड़ा थाना को सूचना दी। जिसके बाद माड़ा थाना प्रभारी डीएसपी चंद्रशेखर पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपनिरीक्षक राकेश कुमार राजपूत के साथ टीम गठित कर मौके पर पहुंच गए। यहां उन्होंने देखा कि चार बच्चे नदी के बीच में फंसे हुए है, जिसके बाद माड़ा पुलिस के जांबाज जवान रस्सी के जरिये रेस्क्यू कर बच्चों तक पहुंचे और एक – एक करके चारों बच्चों को कंधे पर बैठाकर नदी से बाहर निकाला। रेस्क्यू किए गए बच्चों में अशोक उम्र 10 वर्ष, इशू उम्र 7 वर्ष, प्रिंस उम्र 10 वर्ष, नवनीत उम्र 9 वर्ष हैं।

ऐसा पहली बार नही हुआ है, इससे पहले भी माड़ा पुलिस के जांबाज जवानों ने पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक माह पहले घर में लगी आग को बुझाने फायर ब्रिगेड के न आने पर अपनी जान हथेली पर लेकर खपड़ैल घर के छत पर चढक़र बाल्टी और डिब्बों के सहारे आग बुझाया था। जबकि लकड़ी और खपड़ैल घर होने से आग की लपटें पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था। लेकिन माड़ा पुलिस के जवान हार नही माने और आग पर काबू पा लिया था। जिसमें उपनिरीक्षक राकेश कुमार राजपूत का बायां हाथ भी आग बुझाते समय जल गया था

उसी तरह आज भी माड़ा पुलिस के वीर जांबाज जवानों ने नदी में आई बाढ़ के बीच रेस्क्यू कर 4 बच्चों को बचाया है। आज भी जब आस पास के लोगों की हिम्मत नही पड़ रही थी, उस समय माड़ा पुलिस के वीर जवानों ने हार नही माना और 4 मासूमों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लाए। बच्चों के माता पिता सहित गांव के लोगों में खुशी की लहर थी। सभी ने माड़ा पुलिस के जांबाज जवानों शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज माड़ा पुलिस के कारण हमारे घर के चिराग बुझने से बच गए। वही चारों बच्चें भी नदी से बाहर आने के बाद काफी खुश थे और पुलिस भी बच्चों को बचाकर काफी खुश नजर आई। वही रेस्क्यू कर बच्चों को बचाने में माड़ा पुलिस के जांबाज वीर जवान डीएसपी चंद्रशेखर पांडेय, उपनिरीक्षक राकेश कुमार राजपूत, प्रधान आरक्षक अरुण सिंह परिहार, आरक्षक राहुल सिंह व भरतलाल मीणा का अहम योगदान रहा।