विद्युत विभाग की लापरवाही से गंवाया हाथ, महीनों बाद भी नहीं मिली सहायता

पन्ना, भरत सिंह यादव। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में कुछ महीनों पहले एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था। यहां विद्युत विभाग के प्राइवेट लाइनमैन की उसी के विभाग के पॉवर हाउस ऑपरेटर (power house operator)की लापरवाही के चलते पूरी तरह से जिंदगी खराब हो गई। ऑपरेटर की लापरवाही के चलते लाइनमैन (lineman)को अपना एक हाथ गवाना पड़ गया। जिसके बाद अब गरीब कर्मचारी के विभाग ने उससे मुह मोड़ लिया है और अब वह मदद के लिए दर-दर भटक रहा है। लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।

दरअलस, मामला पन्ना जिले के बृजपुर का है। यहां विद्युत विभाग (electricity department) का एक कर्मचारी जिसका नाम रोहित कोरी है वह डेकाईन कॉम्पनी में लाइनमैन के तौर पर काम करता था। विद्युत विभाग बृजपुर पावर हाउस के आपरेटर आशीष त्रिपाठी की बड़ी लापरवाही के चलते रोहित को अपना एक हाथ गंवाना पड़ गया। लाइनमैन रोहित ने बताया कि 4 जुलाई 2020 को जूनियर इंजीनियर ने उसे फोन कर गजना धरमपुर में ट्रांसफॉर्मर (transformer) लगाने के लिए भेजा था। जब रोहित वहां पहुंचा तो उसने पावर हाउस ऑपरेटर आशीष त्रिपाठी को फोन कर बृजपुर फिडर का परमिट मांगा। लेकिन पावर हाउस ऑपरेटर ने उसे परमिट नहीं दिया और कहा कि परमिट हो गया है काम शुरू कर दो। जिसके बाद रोहित काम करने के लिए बिजली खंबे पर चढ़ गया, लेकिन खंबे में करेंट आ रहा था, जैसे ही उसने काम शुरू किया उसे जोरदार बिजली का झटका लगा जिससे वह पूरी तरह से झुलस गया और नीचे गिर गया। वहां मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाया। लेकिन अस्पताल में इलाज के दौर रोहित के उस हाथ को काटना पड़ा जिससे उसने बिजली के तार को छुआ था।

रोहित ने बताया कि उसके साथ जब यह हादसा हुआ तो कोई जिम्मेदार अधिकारी उसे देखने तक नहीं आया न ही उससे किसी ने संपर्क किया। रोहित ने कई बार विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन किसी ने भी उससे बात नहीं की। जिसके बाद रोहित को जानकारी मिली कि 12 फरवरी 2021 को पन्ना के जूनियर इंजीनियर पहाड़खेड़ी आ रहे है, तब उसने अपनी स्थिति से अवगत करवाने और कुछ मदद मांगने के लिए जूनियर इंजीनियर से फोन पर बात की। रोहित से फोन पर बात करते हुए पन्ना जे.ई. ने उसे लौट कर आ के मिलने का आश्वासन देकर कर फोन काट दिया। जिसके बाद रोहित अधिकारी साहब की आस लगा कर इंतजार करता रहा, लेकिन साहब का वहां आने का कोई मन नहीं था।

रोहित के साथ हुई घटना को 7 महीने से अधिक हो गया है लेकिन अभी तक न तो विभाग द्वारा पॉवर हाउस ऑपरेटर के ऊपर लापरवाही बरतने के मामले में कोई कार्यवाई हुई है और न ही लाइनमैन को विभाग द्वारा किसी प्रकार की सहायता मिल पाई है। जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पूरे मामले में चुप्पी साध ली है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि इस तरह की लापरवाही से कब तक लाचार लोगों की बलि चढ़ती रहेगी। विभाग क्यों संबंधित आरोपी के खिलाफ अब तक एक्शन नहीं ले पाया है।पीड़ित प्राइवेट लाइनमैन है क्या इस कारण विभाग इससे पलड़ा झड़ने की कोशिश कर रहा है? सब तरफ से हार जाने के बाद अब कर्मचारी ने पन्ना कलेक्टर(collector) से मदद के लिए गुहार लगाई है। अब देखना होगा की पन्ना कलेक्टर मदद के लिए क्या कदम उठाते है।

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