रेत माफिया की गुंडागर्दी से परेशान ट्रक ड्राइवर, आए दिन करते हैं मारपीट

पन्ना, भारत सिंह यादव। जिला मुख्यालय में खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के विधानसभा क्षेत्र में बालू माफिया रश्मीत मल्होत्रा द्वारा निरंकुश होकर खुलेआम गुंडागर्दी की जा रही है। बालू माफिया के गुर्गों द्वारा ट्रक चालकों के साथ आए दिन मारपीट एवं गुंडागर्दी किए जाने के मामले सामने आते हैं। मगर मंत्रियों तक ऊंची पकड़ होने के कारण ना तो बालू माफिया के ठेके को निरस्त किया जा रहा है और ना ही बालू माफिया के गुर्गों पर पुलिस द्वारा सख्ती के साथ कार्यवाही की जा रही है। जिसकी वजह से बालू माफिया के गुर्गे और बेलगाम हो गए हैं। ये आरोप लगाए हैं पन्ना जिले के अमरछी निवासी एहसान खान एवं ट्रक मालिक इरफान बक्स ने। इनका कहना है कि माफिया के गुंडों ने उनके साथ मारपीट की है।

घायल वाहन चालक एहसान खान एवं ट्रक मालिक इरफान बक्श ने बताया कि उनके द्वारा बालू परिवहन का कार्य विगत कई वर्षों से किया जाता है। शासन द्वारा बनाए गए नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाता है। ट्रक मालिक इरफान बख्श ने बताया कि उनके द्वारा जिगनी बालू खदान से परमिट लेकर बालू पहाड़ीखेरा रोड से डालने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान पहाड़ीखेरा चौकी क्षेत्र के लोहरहाई घाटी पर बालू माफिया रश्मीत मल्होत्रा के गुर्गों द्वारा ढलान पर गाड़ी रोकनी चाही, जहां पर गाड़ी को रोकने से कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। इसलिए गाड़ी को आगे बढ़ा कर समतल जगह पर रुकने वाहन चालक द्वारा ट्रक ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रश्मीत मल्होत्रा के 15-20 गुर्गों द्वारा बोलेरो वाहन से गाड़ी का पीछा कर वाहन चालक को रोककर उसके साथ मारपीट की गयी। जब ट्रक चालक के साथ मारपीट होने लगी तब ट्रक मालिक इरफान बख्श द्वारा वहां पर बीच-बचाव किया गया। जिसके बाद ट्रक मालिक इरफान बख्श के ऊपर भी लाठियों से हमला कर दिया गया। घटना में दोनों लोग घायल हो गये हैं। घायल हुए दोनों व्यक्तियों को पहाड़ीखेरा चौकी में ले जाया गया। जहां पर प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की गयी और दोनों व्यक्तियों को उपचार हेतु जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया है।

बता दें कि इसके पहले भी बालू माफिया के गुर्गों द्वारा मारपीट किए जाने की कई घटनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रकाश में आई हैं। मगर बालू माफिया की ऊंची पहुंच के कारण बालू माफिया के ऊपर अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। जिनके द्वारा भी बालू माफिया का विरोध किया गया है उनके ऊपर भी फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की घटनाएं सामने आई हैं। उदाहरण के तौर पर अजयगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र निर्वाचित सदस्य जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पांडे द्वारा बालू माफिया की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए और तथ्यों के साथ शिकायत की गयी थी। जिसके बाद उल्टा मुकदमा जनपद अध्यक्ष भरत मिलन पांडे पर दर्ज करा दिया गया था। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि खनिज मंत्री के जिले में और उन्हीं की विधानसभा क्षेत्र में बालू माफिया द्वारा उन्हीं के क्षेत्र के व्यक्तियों के साथ इस प्रकार की अभद्रता और गुंडागर्दी होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

सत्ताधारी पार्टी और बड़े बड़े अधिकारियों का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त बालू माफिया रश्मि मल्होत्रा द्वारा केन नदी मैं बड़ी-बड़ी मशीनें उतार कर जहां प्रशासन द्वारा मंजूरी भी नहीं प्राप्त हुई है वहां पर भी बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन कराया गया है । जिसको लेकर के स्थानीय किसानों द्वारा तहसील अजयगढ़ से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक ज्ञापन दिए गए थे। मगर आज तक उन पर कोई कार्यवाही ना होने के कारण बालू माफिया के हौंसले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। इसी वजह से आज उस क्षेत्र में नदियों का अस्तित्व समाप्त कर दिया गया है जहां बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उत्खनन होने से जल के स्रोत खत्म होने की कगार पर पहुंच रहा है। वहीं गांव में बालू के टीले समाप्त होने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इस तबाही का मुख्य कारण यही है कि बालू माफिया की दबंगई के आगे जिला प्रशासन और जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि खामोश बैठे हुए हैं। इसी वजह से बालू माफिया द्वारा बेखौफ होकर क्षेत्र में वैधानिक खदानों के अलावा अवैधानिक खदानों का बड़े पैमाने पर मशीनों से उत्खनन कराया जा रहा है।