महर्षि कप क्रिकेट टूर्नामेंट में धोती-कुर्ता में खेल रहे खिलाड़ी, संस्कृत में हो रही कमेंट्री

भोपाल में अपने ही तरह के अनूठे महर्षि कप टूर्नामेंट (Maharishi Cup) का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रिकेट प्रतियोगिता में खिलाड़ी धोती कुर्ता में चौके छक्के लगा रहे हैं और कमेंट्री बॉक्स में बैठे कमेंटेटर संस्कृत में कमेंट्री कर रहे हैं।

Maharishi Cup: हमने क्रिकेट के ग्राउंड में अब तक खिलाड़ियों को दौड़ते भागते हुए अपनी टीम के लिए खेलते देखा है। लेकिन क्या हो जब यह खिलाड़ी अपनी ड्रेस की जगह धोती-कुर्ता में क्रिकेट ग्राउंड पर उतर जाएं। ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है भोपाल (Bhopal) में बुधवार से शुरू हो चुके महर्षि कप क्रिकेट टूर्नामेंट में, जहां खिलाड़ी धोती-कुर्ता में नजर आ रहे हैं और मैच की कमेंट्री भी संस्कृत में हो रही है।

बीजेपी खेल प्रकोष्ठ की ओर से आज से तीन दिवसीय महर्षि कप टूर्नामेंट की शुरुआत की गई है। यह टूर्नामेंट 6 जनवरी तक चलने वाला है जिसमें भोपाल, रायसेन, उज्जैन, सीहोर समेत मध्य प्रदेश की 12 शहरों की टीम शामिल होंगी।

वैदिक मंत्रोच्चार से शुरुआत

अनूठे तरीके से खेले जा रहे इस क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस दौरान यहां पर क्रिप्स के चेयरमैन श्रीकांत पाटिल, मीडिया प्रभारी पाराशर, खादी ग्रामोद्योग से जितेंद्र लटरिया, संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और भगवानदास सबनानी उपस्थित रहे।

संस्कृति का प्रदर्शन

इस क्रिकेट कप में आयोजित किए जाने वाले मैच भारतीय पारंपरिक कपड़ों में खेले जाने वाले हैं। इसे लेकर आयोजन समिति का कहना है कि विदेशों में यह तय कर दिया गया है कि टीशर्ट और लोअर पहन कर ही क्रिकेट खेला जाएगा और हर देश के खिलाड़ी इसी ड्रेस में नजर आते हैं। लेकिन भारतीय परिधानों में भी हमारे देश में योद्धा रहे हैं। हमारा देश मलखंब का देश है और उसमें विदेशी कपड़े नहीं पहने जाते हैं। संस्कृति पर गर्व करने उद्देश्य से ही महर्षि कप का आयोजन किया जा रहा है।

विजेता टीम को मिलेंगे 21 हजार

महर्षि कप क्रिकेट टूर्नामेंट में जीत दर्ज करने वाली टीम को 21 हजार रूपए और ट्रॉफी इनाम में दिए जाएंगे। उपविजेता टीम को 11 हजार नगद और ट्रॉफी मिलेगी। जो टीम तीसरा स्थान हासिल करेगी उसे 5100 रुपए इनाम में दिए जाएंगे।

दो साल से हो रहा है महर्षि कप

बीजेपी खेल प्रकोष्ठ की ओर से पिछले 2 सालों से इस टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। यह छोटे लेवल पर आयोजित किया जाता था लेकिन इस बार इसे प्रदेश स्तर पर आयोजित करने का फैसला लिया गया है। प्रदेश भर के संस्कृत विद्यालयों में जो बच्चे वेद की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं वह इसमें शामिल हुए हैं। प्रतियोगिता की कमेंट्री भी संस्कृत में हो रही है ताकि युवा देश की समृद्ध संस्कृति से रूबरू हो सकें।