MP में इटारसी-विजयवाड़ा फ्रेट कॉरिडोर बनाएगा रेलवे, जानिए फायदे

केंद्रीय बजट 2021 (Union Budget 2021) में वित्तमंत्री (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने मध्यप्रदेश में इटारसी-विजयवाड़ा फ्रेट कॉरिडोर (Itarsi-Vijayawada Freight Corridor) बनाने की घोषणा की है। जिससे आसपास के राज्यों के किसान, उद्योगपतियों और व्यापारियों सहित अन्य व्यवसायियों को भी इसका लाभ मिलेगा। 

भोपाल/ इटारसी,  डेस्क रिपोर्ट। केंद्रीय बजट 2021 (Union Budget 2021) आज वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) द्वारा पेश किया गया। जिसमें रेलवे के लिए कई घोषणाएं की गई है। इनमें से एक महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि भोपाल रेलवे मंडल (Bhopal Railway Division) इटारसी और विजयवाड़ा के बीच एक फ्रेट कॉरिडोर (Itarsi-Vijayawada Freight Corridor) बनाएगा। जिसके बनने के बाद मध्य प्रदेश के साथ-साथ आसपास के राज्यों के किसान, उद्योगपतियों और व्यापारियों सहित अन्य व्यवसायियों को भी इसका फायदा पहुंचेगा। बता दें कि इसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने केंद्रीय रेल बजट (Central railway budget) में की है। जिससे कई वर्गों को फायदा मिलेगा।

नॉर्थ साउथ फ्रेट कॉरिडोर को मिली मंजूरी

रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Freight corridor) के जरिए, NHAI के टोल रोड, एयरपोर्ट जैसे संसाधनों को असेट मोनेटाइजेशन मैनेजमेंट (Monetization management) के अंतर्गत लाया जाएगा। बजट में फ्रेट कॉरिडोर (Freight corridor) का ऐलान मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के लिए एक बड़ी सौगात है। जानकारी के अनुसार इटारसी-विजयवाड़ा (Itarsi-Vijayawada) के लिए भोपाल रेल मंडल (Bhopal Railway Division) को नॉर्थ साउथ फ्रेट कॉरिडोर (North South Freight Corridor) बनाने की स्वीकृति मिली है।

फ्रेट कॉरिडोर को चालू करने के लिए जून 2022 का लक्ष्य

अब मेक इन इंडिया (Make in India) को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (public Private Partnership) से काम किया जाएगा, जिससे उद्योग के लिए लॉजिस्टिक लागत (Logistic cost) कम होगी। भोपाल रेलवे मंडल (Bhopal Railway Division) ने इस फ्रेट कॉरिडोर को जून 2022 तक चालू करने का लक्ष्य बनाया है। बता दें कि सबसे पहले फर्स्ट फेस में इस प्रोजेक्ट का DPR बनाया जाएगा। वहीं रेलवे द्वारा इस फ्रेट कॉरिडोर को उत्तरी-दक्षिणी गलियारा (North-South Corridor) नाम दिया गया है।

अन्य फ्रेट कॉरिडोर का भी होगा निर्माण

भारतीय रेलवे (Indian Railways) इस गलियारे के अलावा भी अन्य फ्रेट कॉरिडोर (Freight corridor) बनाएगी, जिसकी भी घोषणा की गई है। जिसमें भुसावल से भी एक फ्रेट कॉरिडोर (Freight corridor) बनाया जाएगा, जो भोपाल रेल मंडल (Bhopal Railway Division) के काफी करीब होगा। ऐसे में इस घोषणा को मध्यप्रदेश के लिए बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है। क्योंकि इसके बनने से काफी कम समय में ही व्यापारी अपने माल का परिवहन रेलवे द्वारा कर सकेंगे।

फ्रेट कॉरिडोर से व्यापारियों को होगा फायदा

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि मालगाड़ी के परिचालन के लिए स्वतंत्र रेल लाइनों को फ्रेट कॉरिडोर कहा जाता है। रेल लाइनों में मालगाड़ी ट्रेनों के चलने के लिए एक समय सारणी की बनाई जाती है। यदि एक शहर से बुकिंग कराया जाता है, तो माल भाड़ा दूसरे शहर में तय समय पर पहुंच जाता है। वहीं जहां पर ऐसी व्यवस्था नहीं है, वहां रेलवे लाइनों पर ही मालगाड़ी को चलाया जा रहा है। इसी के चलते मालगाड़ी संबंधित शहरों में समय पर नहीं पहुंच पाता है।

‘संपूर्ण मध्यप्रदेश को मिलेगा फायदा’

इटारसी-विजयवाड़ा फ्रेट कॉरिडोर को लेकर मंडल रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति DRUCC के सदस्य दीपक अग्रवाल ने कहा कि बजट में इटारसी-विजयवाड़ा कॉरिडोर के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि मेरे ख्याल से यह नॉर्थ साउथ कॉरिडोर से होशंगाबाद, इटारसी के ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिए बहुत बड़ा अचीवमेंट है।

बढ़ेगा क्षेत्र का बिजनेस

अधिकांश लोग जानते हैं कि कोरोनाकाल में माल ढुलाई रेलवे के माध्यम से नई रिकॉर्ड ऊंचाई तक बढ़ी है। ऐसे में सबसे सस्ता, सरल और सुलभ माल ढुलाई का जो काम रेलवे ने किया उसकी एक महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस फ्रेट कॉरिडोर जो इटारसी से विजयवाड़ा तक जाएगा, यह एक माइलस्टोन साबित होगा। इससे हमारे क्षेत्र का बिजनेस और बढ़ेगा। एक स्पेशल लाइन जो सभी मालों की ढुलाई के लिए फ्रेट कॉरिडोर के रूप में बनाई जा रही है।

वस्तुओं के आदान-प्रदान में होगी सुविधा

उन्होंने कहा कि इस फ्रेट कॉरिडोर के बनने से व्यापार के लिए एक सुलभ मार्ग उपलब्ध होगा। इससे दवाईयां, सोना, राशन दुकानों का अनाज या फ्रूट्स है उन्हें आसानी से साउथ क्षेत्र में बेचे जा सकेंगे। वहीं साउथ से नॉर्थ क्षेत्र में आ सकेंगे। इससे मध्यप्रदेश का व्यवसाय बहुत बढ़ेगा, व्यापारियों को लाभ के साथ सुविधा मिलेगी। अब तक नॉर्थ से साउथ की ओर राशन को बाय रोड भेजा जाता था, लेकिन अब इस कॉरिडोर के बनने से इसे रेलवे द्वारा आसानी से भेजा जा सकेगा।