राजगढ़ : गजानंद को उसके परिवार से मिलाना ही कांस्टेबल का मकसद, पढ़िए पूरी खबर

राजगढ़ जिले में करीब 8 माह पहले ड्यूटी करते समय कांस्टेबल कैलाश नायक को मिले मूक-बधिर युवक को परिवार से मिलाने की जद्दोजहद जारी है।

राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट। जिले के ब्यावरा सिटी पुलिस थाने के कांस्टेबल कैलाश नायक एक मूकबधिर युवक को उसके परिजनों से मिलाने के प्रयास में लगे हुए हैं। करीब 8 माह पहले ड्यूटी कर रहे कांस्टेबल को मुक बधिर युवक मिला। पता और परिजनों की जानकारी नहीं मिलने पर कांस्टेबल युवक को अपने घर ले आए। कांस्टेबल की पत्नी ने युवक का नाम गजानंद रख दिया । कांस्टेबल का कहना है कि युवक के परिजन देश के किसी भी कोने में हो उनका पता कर युवक को उन तक पहुंचाऊंगा।

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राजगढ़ : गजानंद को उसके परिवार से मिलाना ही कांस्टेबल का मकसद, पढ़िए पूरी खबर

इस तरह गजानंद से मिले कांस्टेबल कैलाश

जिले के ब्यावरा सिटी पुलिस थाने के कांस्टेबल कैलाश नायक आठ महीने ब्यावरा के पीपल चौराहे पर ड्यूटी दे रहे थे, इसी दौरान उन्हें बताया गया की एक युवक भूखा प्यासा यहां बैठा हुआ है और कुछ बोल भी नहीं पा रहा। कांस्टेबल युवक को लेकर थाने आ गए। लेकिन युवक मूकबधिर होने से अपना कोई पता नहीं बता सका। पुलिस ने कई प्रयास किए लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। ऐसे में कांस्टेबल कैलाश युवक को अपने घर ले गए और पत्नी और बच्चों को पूरा मामला बताया। युवक जिसकी उम्र लगभग 20 वर्ष से ज्यादा है, को देखकर कांस्टेबल की पत्नी और बच्चे भी बहुत खुश हुए। युवक को कांस्टेबल बुधवार के दिन अपने घर ले गए तो पत्नी ने युवक का नाम गजानंद रख दिया और उसे अपने परिवार का हिस्सा मान लिया। उसके बाद कांस्टेबल युवक के घरवालों को ढूंढ़ने में लगे हैं, जो न कुछ बोल पा रहा है, न सुन सकता है। इस युवक को लेकर वे कई थानों के चक्कर लगा चुके हैं और दूसरी तमाम कोशिशें भी कर लीं लेकिन सफलता नहीं मिली। इस युवक के घर और परिवार का पता लगाने के लिए कैलाश उसे आधार सेंटर पर भी लेकर गए। उन्होंने युवक के फिंगर प्रिंट का मिलान कराकर आधार ट्रेसिंग करवाई, लेकिन सफलता नहीं मिली। कैलाश ने बताया कि कई राज्यों के पुलिस थानों में और अपने मित्रों को उन्होंने युवक के फोटो भेजे हैं। अब अन्य राज्यों के ट्रक ड्राइवरों की मदद भी ले रहे हैं, उन्हें युवक का फोटो दिखाकर उसका पता ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।

कांस्टेबल के परिवार के साथ खुश है गजानंद

युवक रोज अखबार पढ़ता है। वह लिखता भी है, लेकिन उसके द्वारा लिखी गई अजीब सी लिपि को कोई पढ़ नहीं पाता। इसके लिए गूगल की मदद भी ली गई, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। वह अपने घर और परिवार के बारे में इशारों में बताता है, समझाने की काशिश भी करता है पर किसी की कुछ समझ में नहीं आता। वहीं अब गजानंद कांस्टेबल के परिवार के साथ बहुत खुश हैं। कांस्टेबल की पत्नी और उनके बच्चे अक्षय, पायल और गिर्राज के साथ गजानंद भी खूब मस्ती करता है।