शहीद कुंवर चैन सिंह का बलिदान दिवस मनाया गया, इस कारण नाराज हुए विधायक

राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट। अमर शहीद कुंवर चैन सिंह का बलिदान दिवस बड़े ही सम्मान के साथ मनाया गया। उन्हें नरसिंहगढ़ के छारबाग स्थित छतरी पर गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी भी दी गई। नरसिंहगढ़ में अमर शहीद कुंवर चैन सिंह का बलिदान दिवस शनिवार को मनाया गया। इस उपलक्ष्य में छारबाग स्थित छतरी पर उनके वंशज नरसिंहगढ़ विधायक राज्यवर्धन सिंह व लोगों ने पूजा अर्चना कर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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शहीद दिवस के मौके पर कुंवर चैन सिंह को छतरी पर गॉर्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई। 1824 की क्रांति के पहले ही नरसिंहगढ़ रियासत के कुंवर चैन सिंह अपने दो साथी हिम्मत खान और बहादुर खान के साथ अंग्रेजों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। उनकी स्मृति में ही शहीद दिवस मनाया जाता है। सलामी के दौरान कुँवर चेन सिंह के वंशज और नरसिंहगढ़ भाजपा विधायक राज्यवर्धन सिंह सहित नगर के लोग मौजूद रहे।

सीहोर में तोड़ी गॉर्ड ऑफ ऑनर की परंपरा, विधायक ने जताई नाराजगी

राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ रियासत के पूर्व युवराज कुंवर चैन सिंह की पुण्यतिथि पर इस बार सीहोर जिला प्रशासन गार्ड ऑफ ऑनर देने से चूक गया। शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने गए नरसिंहगढ़ विधायक राज्यवर्धन सिंह ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई है। 24 जुलाई 1824 में अंग्रेजों से लोहा लेते हुए नरसिंहगढ़ रियासत के राजकुंवर चैन सिंह, उनके सिपहसालार हिम्मत खां और बहादुर खां सीहोर में शहीद हुए थे। देश की आजादी के बाद से ही सीहोर में उनके बलिदान स्थल और नरसिंहगढ़ में उनके जन्मस्थल पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। परन्तु इस बार सिर्फ नरसिंहगढ़ में ही गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सीहोर में गार्ड ऑफ ऑनर नही देने पर विधायक सिंह ने नाराजगी जताई है।