नई दिल्ली/भोपाल। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है, जिसका प्रतीक ध्वजारोहण बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिन बाद, अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर पीएम मोदी ने मंदिर के 161 फीट ऊंचे मुख्य शिखर पर केसरिया ध्वजा फहराई। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भी उनके साथ मौजूद रहे।
शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच हुए इस कार्यक्रम के साथ ही अयोध्या में मंदिर निर्माण का अंतिम चरण संपन्न हो गया। यह ध्वजा 2 किलो वजन की है और इसकी स्थापना के साथ ही देश भर में खुशी की लहर दौड़ गई। अयोध्या से लेकर देश के विभिन्न शहरों तक श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर उत्सव मनाया।
भोपाल में भी भव्य उत्सव, जलाए 501 दीपक
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी इस मौके पर भव्य आयोजन किया गया। जाग्रत हिंदू मंच के तत्वावधान में शीतलदास की बगिया स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं ने 501 दीपक जलाकर अपनी खुशी जाहिर की। मंदिर परिसर में भगवा ध्वज फहराया गया और जमकर आतिशबाजी की गई। पूरा माहौल रामधुन, भजन और जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर जाग्रत हिंदू मंच के संरक्षक और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कहा कि यह दिन सनातन धर्म की पुनर्स्थापना का दिन है।
“आज का दिन सनातन धर्म की पुनर्स्थापना का दिन है। यह सिर्फ ध्वजारोहण नहीं, बल्कि रामराज्य की ओर लौटने का शुभारंभ है। यह कोई सत्ता या राजनीति नहीं, सनातन की विजय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वह कर दिखाया जिसे हजारों वर्षों से करोड़ों रामभक्त केवल सपनों में देखते आए थे।” — डॉ. दुर्गेश केसवानी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता
उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का पुनर्जागरण है और आज हर भारतीय का मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया है।
‘न्याय की विजय का प्रतीक है यह दिन’
कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जैन ने इस दिन को न्याय की विजय का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “सदियों के संघर्ष के बाद रामलला को उनका अधिकार मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और हमारे सभी संतों-धर्माचार्यों ने वह इतिहास रचा है जिसे पीढ़ियां याद रखेंगी। हम संकल्प लेते हैं कि राम के आदर्शों पर चलकर समाज में न्याय और सत्य को स्थापित करेंगे।”
वहीं, कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ पदाधिकारी अशोक सेन ने इसे हर रामभक्त के लिए जीवन का सबसे पवित्र क्षण बताया। उन्होंने कहा, “राम मंदिर का संपूर्ण होना हम जैसे हर रामभक्त के लिए जीवन का सबसे पवित्र और गौरवपूर्ण क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमारी आस्था को सम्मान दिलाया है। आज ऐसा लग रहा है जैसे रामराज्य की शुरुआत हो चुकी है।”
इस कार्यक्रम में जागृत हिंदू मंच के विवेक पांडे, रोहित कुशवाहा, देवेंद्र यादव, सनी सोनी, महेंद्र प्रजापति, दिलीप बच्चाने, अमित बर्मा और पंडित केपी शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।






