संघ कार्यकर्ता की हत्या मामले में नया मोड़, DNA टेस्ट से खुलेगा राज़

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रतलाम । मध्य प्रदेश में पिछले दिनों लगातार भाजपा से जुड़े लोगों की हत्याओं और हमलो के मामले सामने आने से सियासत गरमाई  हुई है| इस बीच रतलाम जिले में संघ कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार की सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया| लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है| हत्याकांड में जिस व्यक्ति को संदिग्ध हत्यारा मानकर पुलिस तलाश कर रही थी, अब वह शव उसी का होने की संभावना जताई जा रही है। 

पांच दिन पहले ग्राम कमेड़ में युवक की हत्या के बाद चेहरा जलाने का मामला सामने आया था| शव की शिनाख्त आरएसएस कार्यकर्ता हिम्मत पाटीदार के रूप में की गई थी, लेकिन अंतिम संस्कार के बाद यह खबर फैली कि शव हिम्मत का नहीं, मदन का हो सकता है। पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि कमेड़ के खेत में मिला शव पाटीदार का नहीं था। हालांकि एसपी गौरव तिवारी ने अभी डीएनए की जांच रिपोर्ट मिलने की बात से ही इनकार किया है।

22 जनवरी की रात एक बजे हिम्मत पाटीदार (36) पुत्र लक्ष्मीनारायण पाटीदार निवासी ग्राम कमेड़ खेत पर सिंचाई के लिए गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। दूसरे दिन सुबह हिम्मत के पिता खेत पर पहुंचे तो खेत के किनारे एक युवक का शव पड़ा था। लाश का चेहरा झुलसा हुआ था। गले पर धारदार हथियार के चार वार थे। घटनास्थल के पास ही हिम्मत की बाइक खड़ी थी। उसकी हत्या गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर की गई थी और पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा जला दिया गया था। शरीर पर कपड़े हिम्मत के थे। उसके पिता व अन्य परिजन ने शव की शिनाख्त हिम्मत के रूप में की थी। 

कानून व्यवस्था के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच यह मामला भी प्रदेश में चर्चित हो गया। हिंदू संगठनों ने विरोध जताते हुए राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। पुलिस ने तलाश की तो गांव का युवक मदन पिता भागीरथ मालवीय गायब था। मदन को हत्या का आरोपी मानकर तलाश की जा रही थी।  दूसरे दिन खबर फैली कि शव हिम्मत का नहीं मदन का था। इस पर पुलिस ने डीएनए सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चल पाएगा कि शव हिम्मत का है या मदन का।