काम के बदले अस्मत, कोर्ट ने भेजा सीधा जेल

काम पूरा करने का आश्वासन देकर पहले तो लुणावत ने महिला से ₹25000 की रिश्वत मांगी और जब महिला रिश्वत के पैसे देने गई तब उससे साथ वक्त बिताने की बात कह डाली।

रतलाम, डेस्क रिपोर्ट। भ्रष्ट और रिश्वतखोर अधिकारियों को लेकर सख्त प्रदेश सरकार लगातार कार्यवाही कर रही है। ऐसे ही एक मामले में कोर्ट ने भ्रष्ट अधिकारी को जेल भेज दिया है। संजय लुणावत नाम के खनिज अधिकारी पर मार्च 2022 में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे जिसके चलते कोर्ट ने अब उसे जेल भेज दिया है। हालांकि लुणावत में लघुशंका का बहाना देकर कोर्ट से फरार होने की कोशिश की लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से वह इस काम में सफल नहीं हो सका।

आपको बता दें खनिज अधिकारी संजय लुणावत इंदौर में पदस्थ था जहां पर एक काम के चलते इस महिला की उसकी मुलाकात हुई। काम पूरा करने का आश्वासन देकर पहले तो लुणावत ने महिला से ₹25000 की रिश्वत मांगी और जब महिला रिश्वत के पैसे देने गई तब उससे साथ वक्त बिताने की बात कह डाली। इसके बाद मई 2022 में लुणावत के खिलाफ रतलाम में एफ.आई.आर दर्ज हुई। इसके बाद लुनावत के द्वारा गिरफ्तारी के खिलाफ जमानत याचिका दर्ज की गई जिसे कोर्ट ने सिरे से नकार दिया।

महिला थाना प्रभारी राज्यश्री सिसोदिया ने मीडिया को जा करो देते हुए बताया कि यह मामला 30 मार्च 2022 का है जब इस महिला ने इस अधिकारी के खिलाफ महिला थाने में छेड़खानी के संबंध में आवेदन दिया था। इसके बाद पुलिस द्वारा इस मामले की जांच की गई और जांच के बाद 19 मई 2022 को इस व्यक्ति के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली गई। कल जब कोर्ट में खनिज अधिकारी संजय लुणावत के खिलाफ चालान पेश किया गया तब कोर्ट ने सभी पहलुओं को सुन सख्ती दिखाते हुए उसे जमानत ना देते हुए सीधे जेल भेजने के आदेश दिए हैं। महिला रतलाम जिले की बताई जा रही है।

महिला ने लुणावत पर आरोप लगाते हुए बताया था कि कैसे काम के चलते उसकी रतलाम में मुलाकात हुई, रिश्वत के पैसे की बात पक्की हुई और उसके बाद कैसे वह महिला से वक्त बिताने की बात कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। जब इसके द्वारा महिला पर दबाव बनाया गया तब महिला सीधे महिला थाने पहुंच गए और इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।