धारा 420 के तहत पूर्व नपाध्यक्ष समेत आठ कॉलोनाइजरों पर एफआईआर दर्ज

रतलाम,सुशील खरे। जिले के जावरा में अवैध और अविकसित कॉलोनियां काटकर जनता के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में रतलाम कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड के आदेश एवं एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने पूर्व नपाध्यक्ष सहित कुल 8 कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई शुरू की है। सिटी थाने में एक केस दर्ज हो गया। बाकी प्रकरण आईए थाने में गए है। ज्यादातर शिकायत शनिवार को दर्ज हुई,  जिसके तहत 5 एफआईआर रविवार को दर्ज की गई ।

 

दस एफआईआर दर्ज

सीएसपी जावरा पीएस राणावत का कहना है कि एक शहर थाना में और बाकि 9 आइये थाने में कुल दस एफआईआर दर्ज की गई है। रविवार तक सभी केस दर्ज होंगे। एसडीएम राहुल एन धोटे ने फील्ड सर्वे में पाई अनियमितता के आधार पर एफआईआर के लिए कलेक्टर को जांच प्रतिवेदन भेजा था। इस पर कलेक्टर गोपालचंद डाड ने आदेश जारी किए है। इन भू माफियाओं ने कालोनी विकसित करने में कई प्रकार की अनियमिताएं की थी। उक्त सारी कार्रवाई जावरा एसडीएम के निर्देशन में की गई है। आपराधिक मामलों में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

कलेक्टर एवं एसडीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश

कॉलोनाइजरों द्वारा कॉलोनी निर्माण में नियमों व प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज करवाने के लिए कलेक्टर एवं एसडीएम ने शनिवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी डॉ. केएस सगर को पत्र जारी कर सभी कालोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। शनिवार को पहली एफआईआर आईपीसी की धारा 420 व मप्र नपा अधिनियम की धारा 339 ग में सिटी थाना पुलिस ने दर्ज की है। इसमें कॉलोनाइजर निवासी बजाजखाना को आरोपी बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि राजस्व रिकाॅर्ड में जो नाम दर्ज हैं उन नाम से केस दर्ज किया गया। इन पर आरोप हैं कि सर्वे नंबर 511/3 में जैन कॉलोनी नाम से अवैधानिक रूप से कॉलोनी काटी गई। इसमें ना कॉलोनी विकास की अनुमति है और ना ही आश्रय शुल्क जमा करवाया। इन कॉलोनाइजरों पर आईए थाने में हो रही एफआईआर : राजेंद्र जयंत परिसर कॉलोनी में विकास कार्य पूरे नहीं करने व गलत तरीके से प्लॉट बेचने के मामले में पूर्व नपाध्यक्ष, उनके भाई और पार्टनर के खिलाफ आईए थाने में केस दर्ज हो रहा है।

नहीं हुए विकास कार्य पूरे

वहीं बन्नाखेड़ा आदर्श नगर कॉलोनी में विकास कार्य पूरे नहीं करने व बिना अनुमति भवन निर्माण करवाने के मामले में भाजपा नेता निवासी बजाजखाना जावरा, अरिहंत कॉलोनी के पास, तिलक विहार व सत्य साईं विहार कॉलोनी में विकास कार्य पूरे नहीं करने व 25 प्रतिशत भूखंडों को मार्डगेज नहीं रखने के मामले में मंदसौर रोड पर सर्वे नंबर 185/1 में अवैध कॉलोनी काटने पर कालोनाइजर खिलाफ तथा संजय कॉम्प्लेक्स, इससे लगी अन्य कॉलोनी को बिना सक्षम अनुमति व टीएनसीपी से अप्रूअल के बिना काटने, विकास कार्य पूरे नहीं करने के मामले में दो के खिलाफ भी आईए थाने में केस दर्ज करवाया गया है।

धड़ल्ले से काटी जा रही अवैध कॉलोनियां 

नपा एवं राजस्व विभाग के संयुक्त सर्वे के मुताबिक नगर एवं नगर से बाहर निवेश क्षेत्र में कुल 143 कॉलोनियां हैं। इनमें से सिर्फ 32 वैध होकर नपा में हस्तांतरित हैं, जबकि 39 वैध की श्रेणी में है। अविकसित होने से अभी हैंडओवर होना बाकी है। वहीं 71 पूर्णत: अवैध हैं, जहां ना तो कॉलोनी काटने की अनुमति ली गई और ना ही विकास कार्य किए गए। कई के पास तो कॉलोनाइजर का लाइसेंस तक नहीं है। एसडीएम एवं नपा प्रशासक राहुल धोटे के मुताबिक इन बाकी कॉलोनियों में भी जांच-पड़ताल के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।

उक्त कार्रवाई समझ के परे

उधर कॉलोनाइजर एसोसिएशन पूर्व अध्यक्ष चंद्रप्रकाश ओस्तवाल का दूरभाष पर कहना है की उक्त कार्रवाई द्वेषतापूर्ण व समझ से परे है। अचानक एफआईआर क्यों जबकि सभी कॉलोनियां विधिवत हैं। दस-दस बार कॉलोनी हैंडओवर के आवेदन दिए लेकिन नपा अफसरों ने जानबूझकर हैंडओवर नहीं की। यदि कहीं किसी में भूखंड मार्डगेज नहीं है तो वहां जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे अचानक एफआईआर समझ से परे है।

रतलाम जिले में नवागत कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड के आने के बाद  बड़ी कार्रवाई है। जिले में इतनी अवैध कालोनी हैं जिनकी संख्या संभाग में क्या शायद स्थान होगा। रतलाम शहर में इंदौर महू  सैलाना रोड पर भी खेतों मरमरजी से कालोनी काटी रही उनके  सरकारी भाव से पांच से सात गुना हैं, साथ ही देखा गया है की जिस ग्राहकों का सौदा तय होने के बाद में बिक्री  जाती है भाव बढ़ने से कालोनाइजर हिसाब से लगाने लगते हैं यहाँ तक की औधोगिक एरिया बाली केमिकल युक्त लाल पानी की जमीन में भी कालोनी काटी जा रही हैं

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