रतलाम ,सुशील खरे।  08 मार्च अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर खुशी ने अपने पिता राजेन्‍द्र पाटीदार ओम सांई राम हॉस्‍टल रतलाम के द्वारा बायोडिग्रेडेबल इको-फ्रेंडली विंग्स और ग्लू स्ट्रिप के साथ निर्मित 11,000 नि:शुल्‍क सैनेटरी पेड मोबाइल रथ द्वारा वितरण कर वज्र विश्‍वकीर्तिमान बनाया गया ।

ये  भी पढ़े- Job Vacancy: MP High Court ने निकाली लॉ क्लर्क कम रिसर्च असिस्टेंट के पदों पर भर्ती, जल्द करें आवेदन

अतिथियों के द्वारा रथ का शुभारंभ किया गया। मोबाइल रथ के माध्‍यम से शहर कि विभिन्‍न क्षेत्रों में सेनेटरी पैड का वितरण किया गया। तत्‍पश्‍चात 11000 सेनेटरी पैड वितरण पश्‍चात वज्र ज्‍यूरी मेंबर शैलेन्‍द्र सिंह सिसौदिया द्वारा संतुष्‍ट होने पर वज्र वि‍श्‍वकीर्तिमान का ऑनस्‍पाट प्रमाण पत्र कु. खुशी पिता राजेन्‍द्र पाटीदार को भेंट किया गया। इस अवसर पर रतलाम सांसद जीएस डामोर की पत्नी एवं पूर्व आईएएस श्रीमति सुरज डामोर, जिला पंचायत प्रधान, कलेक्‍टर, पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी, पूर्व पार्षद सीमा टांक, मौजूद रहे।

ये भी पढ़े- महिला दिवस पर उमा भारती ने बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा को लिखा पत्र, कही ये बड़ी बात

श्रीमति सुरज डामोर ने कहा कि खुशी के द्वारा एक अभिनव पहल कि गई है। जो कि महिलाओं में स्‍वच्‍छता और स्‍वास्‍थ के लिए महत्‍वपूर्ण है। महिलाएं स्‍वस्‍थ रहेगी तभी देश और समाज स्‍वस्‍थ रहेगा और संतान भी स्‍वस्‍थ रहेगी और तभी हमारा समाज और देश तरक्‍की करेगा। निकट भविष्‍य में अधिक से अधिक स्‍थानों पर पैड वेडिंग मशीन लगाकर इसको सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जाएगा।

Women's Day Special: 17 साल की खुशी ने बांटी सेहत, 11 हजार निशुल्‍क सेनेटरी पैड वितरण कर बनाया विश्व रिकोर्ड

क्या कहती है 17 वर्षिय खुशी
खुशी पाटीदार ओम सांई राम हॉस्‍टल ने बताया कि मेरे मन में सेनेटरी पेड के प्रति जिज्ञासा जागी,  तब मेने हमारे होस्‍टल में रहने वाली लडकियों से बातचीत कि तो पता चला कि अधिकांश लडकियों तक सेनेटरी पैड पहुंच ही नहीं पाते है मजबूरी में परंपरागत तरीके ही उपयोग करने पड़ते है। तब मेने विचार किया कि सेनेटरी पैड महिलाओं कि पहुंच में हो और सुगमता से कम लागत में मिल सके, तब मेने  एक दिन नि:शुल्‍क पेड वितरण का सोचा। लेकिन, तब मेरे पास पेसे नही थे कि खरीद कर सबको दे सकू, फिर एक दिन मेरे पिता जी राजेन्‍द्र पाटीदार द्वारा मुझे सायकल दिलाने का बोला तो मेने बोला कि पिता जी मुझे सायकल नहीं चाहिए।

इन पैसों से मुझे महिलाओं को नि:शुल्‍क सेनेटरी पैड वितरित करना है तब पिता जी ने बोला तेरी खुशी में ही मेरी खुशी है बेटी तुम्‍हारे हर अच्‍छे कार्य में मेरा सहयोग है फिर पिता जी ने सेनेटरी पेड वितरण हेतु मेरी योजना को सुना और पूर्ण सहयोग कर मुझे प्रेरित किया।  मुझे श्रीमति डामोर मेम से इस कार्य को करने कि प्रेरणा मिली,  तब आज मेरे द्वारा 11,000 पेड वितरिन कर पाई। इस कार्य में मेरा प्रत्‍यक्ष व अप्रत्‍यक्ष सहयोग करने वाले सभी का आभार व्‍यक्‍त करती हुं।