वनविभाग की लापरवाही से खतरे में 14 लोगों की जान, नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को लिखा पत्र

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सागर| मध्यप्रदेश के सागर जिले के रहली में वनविभाग की लापरवाही पर 14 लोगों की जान पर बन आई है| इन ग्रामीणों को एक जंगली सियार ने काटा था, लेकिन सही इलाज नहीं मिल पाने के कारण जहां इनमे से एक महिला में रेबीज संक्रमण फेल जाने से हालत नाजुक है तो वहीं अन्य 13 लोगों में भी रेबीज का संक्रमण फैलने की संभावना है| इस मामले में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर ग्रामीणों को उच्च इलाज और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है| 

नेता प्रतिपक्ष भार्गव ने सीएम कमलनाथ को लिखे पत्र में बताया कि सागर के रहली के ग्राम काछी पिपरिया, सहजपुरी तथा सागोनी बुंदेला के कुशवाह (काछी) एवं आदिवासी समाज के 14 व्यक्तियों को 10 मार्च को पागल जंगली सियार ने काटा था| उन्होंने बताया कि 11 मार्च को जब वे विजय संकल्प यात्रा के दौरान नीमच में थे तब उन्हें इस घटना की सूचना मिली | तब से लेकर 1 सप्ताह तक लगातार वे सागर के मुख्य वन संरक्षक,  वनमंडल अधिकारी तथा रेंज ऑफिसर से प्रभावितों को रेबीज का इंजेक्शन लगवाने तथा प्राथमिक चिकित्सा के बारे में कहते रहे पर भारी जद्दोजहद के बाद जब तक घायलों को इंजेक्शन लगे तब तक सारे घायलों के शरीर में रेबीज का जहरीला संक्रमण फैल चुका था | उन्होंने कहा सूचना मिली कि उनमें से एक महिला जिसका नाम श्रीमती सुनीता मल्थू पटेल है , वह मरणासन्न स्थिति में है मैंने उसे तुरंत ग्राम के सरपंच के साथ सागर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भेजा जहां विशेषज्ञ डॉक्टर ने बताया कि महिला के शरीर में रेबीज का संक्रमण फैल चुका है तथा उक्त महिला के बचने की कोई संभावना नहीं और मुझे अंदेशा है कि इसी तरह की स्थिति शेष 13 घायलों को भी हो सकती है| 

भार्गव ने पत्र में लिखा वन विभाग तथा चिकित्सा विभाग की इस घोर लापरवाही के कारण 14 व्यक्ति जीवन मृत्यु के बीच में झूल रहे हैं फिर भी शासन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही |  यदि इन 14 व्यक्तियों की मृत्यु होती है तो यह प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के इतिहास की सबसे बड़ी दुखद घटना होगी| जिसमें प्रदेश सरकार की कार्यशैली और सजगता पर सवालिया निशान खड़े होंगे| उन्होंने कहा  इस मानवीय और संवेदनशील घटना के विषय पर कोई राजनीति नहीं करना चाहता | प्रशासन एवं प्रशासन को भी इस विषय पर अति गंभीरता से विचार करना चाहिए कि वह इंसान की जान को ज्यादा मैं खुद मानती है फिर किसी जानवर की जान को|  क्योंकि प्रदेश में आये दिन आत्मरक्षा में होने वाले अपराध के झूठे प्रकरणों में दर्जनों लोग आज भी जेल में बंद है| भार्गव ने घायलों को इलाज एवं पर्याप्त आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है|