पुष्पराज सिंह। बघेल सतना।

AKS यूनिवर्सिटी के गेट पर आज सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। यही नहीं कॉलेज गेट में धरने पर बैठ गए और नारेबाज़ी करने लगे उनका यह गुस्सा यूनिवर्सिटी के लिए इसलिए था क्योंकि उन्हें अपना भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है। ICAR यानी इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चर रिसर्च ने एक अधिसूचना जारी की थी जिसमें यह कहा गया था कि जो भी प्राइवेट कॉलेज या यूनिवर्सिटी कृषि संबंधी कोर्सों को चला रहे हैं, उनका ICAR से मान्यता प्राप्त होना जरूरी है। नहीं तो ऐसी यूनिवर्सिटी से पढ़ने छात्रों को पीजी के लिए किसी भी शासकीय कॉलेज में दाख़िला नहीं मिलेगा और ना ही नौकरी। ऐसे में यहाँ पढ़ने वाले दो हजार से ज्यादा छात्रों को अपना भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है। वहीं यूनिवर्सिटी मामले पर गोल मोल जबाब देती नजर आ रही है।

AKS यूनिवर्सिटी के कृषि संकाय में चार साल के कोर्स के स्टूडेंट् को मिलाकर तकरीबन तीन हजार से ज्यादा स्टूडेट पड़ते हैं हर सेमेस्टर में 700 से 800 बच्चे यहां अध्ययनरत हैं छात्रों की माने तो कॉलेज उनके साथ धोखा कर रहा है क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में यहां एड मिशन किए जाते हैं और आईसीएआर की गाइड लाइन के मुताबिक यूनिवर्सिटी में लिमिटेड सीटें ही रह जाएंगी।

जिससे ज्यादा एड मिशन AKS यूनिवर्सिटी नहीं कर पाएगा यही वजह है कि AKS यूनिवर्सिटी आईसीएआर से मान्यता लेने में कतरा रही है,, इसके एवज में वे हजारों छात्रों के भविष्य की बलि देने को भी तैयार है यहां हर छात्र से पर सेमेस्टर 30 हजार फ़ीस ली जा रही है एक्रीडेशन के बाद यूनिवर्सिटी मन मुताबिक फ़ीस भी नहीं ले पाएगी यहां के छात्रों का यह भी आरोप है कि यूनिवर्सिटी की तरफ से उन्हें धमकाया भी जा रहा है ताकि उनकी आवाज को दबाए जा सके।

इस बात से इत्तेफ़ाक यूनिवर्सिटी के चेयरमैन भी रखते हैं कि आईसीएआर से यदि मान्यता नहीं मिली है तो छात्र छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए कहीं भी दाखिला नहीं मिलेगा लिहाजा मामला साफ है कि यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में है छात्रों के भविष्य को लेकर यूनिवर्सिटी के चेयरमैन गोलमोल जवाब देते नजर आए यही नहीं छात्रों के भविष्य के बारे में जब हमने बात पूछी तो आईसीएआर से जल्द मान्यता लेने की बात भी कही है, जिसके लिए यह कहा गया कि यह एक लंबी प्रक्रिया है और वक्त भी लग सकता है।