MP में बेखौफ रेत माफिया, तहसीलदार से मारपीट और गाली-गलौच, कपड़े भी फाड़े

सतना।मध्य प्रदेश में रेत माफिया के हौसले बुलंद हैं, प्रदेश भर में हो रही कार्रवाई से भी इन्हे कोई डर नहीं, बल्कि प्रशासन की टीम पर भी हमला करने से रेत माफिया नहीं चूक रहा है। ताजा मामला सतना से सामने आया है जहां स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थ लेखापाल और रेत माफिया ने तहसीलदार अजय राज सिंह पर हमला कर दिया । इतना ही नही गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी तक दे डाली। वही जब तहसीलदार के साथ आए नाजिर ने इसका विरोध किया तो उसे भी हथौडे से पीट दिया।फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर तहसीलदार अपने नाजिर प्रह्लाद शर्मा के साथ उचेहरा रेलवे क्रॉसिंग पर जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक ट्रैक्टर एमपी 19सी/0161 वहां से गुजरा। तहसीलदार ने उसे रोकर कागज मांगे तो ड्राइवर ने अपने मालिक सुदीप तपसी को फोन कर मौके पर बुला लिया। तहसीलदार ट्रॉली को थाने ले जाना चाह रहे थे, लेकिन आरोपी सुदीप ने तहसीलदार को जान से मारने की धमकी दी और नाजिर पर हथौड़े से हमला कर दिया। बीच-बचाव में तहसीलदार से भी हाथापाई कर दी। नाजिर के बाएं हाथ और पीठ पर घातक चोट लगी। मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार शैलेन्द्र बिहारी शर्मा , राजस्व निरीक्षक अमरेन्द्र प्रताप सिंह और लाल जी गौतम ने बीच बचाव किया। इस पर उन्हें भी गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी दी। तहसीलदार से भी झूमाझटकी की। तब तक अन्य कर्मचारी भी पहुंच गए जिस पर तपसी गाली देते हुए मौके से भाग खड़ा हुआ। मारपीट में नाजिर के कपड़े भी फट गए। हमले के बाद आरोपी सुदीप तपसी मौके से भाग गया।

लेखापाल पर पहले भी हो चुकें हैं केस दर्ज
थाना पुलिस ने बताया कि नाजिर प्रह्लाद कुमार वर्मा पिता दीनानाथ वर्मा की रिपोर्ट पर आरोपी सुदीप तपसी पिता हरिश्चंद्र तपसी (50) के विरुद्ध धारा 353, 186, 294, 323, 506 आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोपी सुदीप करहीकला उमावि में लेखापाल के पद पर पदस्थ है। अपराधी किस्म का बताया गया है और विभाग ने कई बार इसे निलंबित किया है। पूर्व में डीजल के अवैध कारोबार में भी पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा बताया गया है कि रेत, पटिया पत्थर और शराब के अवैध कारोबार में भी लिप्त है। बहरहाल उचेहरा पुलिस ने शिकायत के बाद लेखापाल सुदीप तपसी को हिरासत में ले लिया है। उसको न्यायालय में भी पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।