श्रावण मास का दूसरा सोमवार आज: भस्म आरती और भांग-चंदन से सजे बाबा महाकाल ने दिये अलौकिक दर्शन

श्रद्धालु सोमवार के दिन सुबह 5 बजे से 1 बजे तक और शाम 7 से 9 बजे तक सिर्फ प्री बुकिंग के माध्यम से ही बाबा महाकाल के दर्शन कर पाएंगे।

उज्जैन डेस्क रिपोर्ट/ देवास, अमिताभ शुक्ला। आज सावन का दूसरा सोमवार है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में सावन के दूसरे सोमवार को भस्मार्ती के बाद बाबा महाकाल का भांग, चंदन, फल, वस्र आदि से अलौकिक श्रृंगार किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। यहां श्रावण मास के पहले सोमवार की तरह दूसरे सोमवार को भी भक्तों और श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था।। भक्तों ने यहां आकर बाबा महाकाल से सुख-समृद्धि के साथ-साथ कोरोना के खात्मे का आशीर्वाद मांगा।

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सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा की पूजन-आरती की गई। दूसरा सोमवार होने के चलते भगवान महाकाल को भस्म अर्पण की गई। आज बाबा का नियम अनुसार विशेष आरती, पूजन व पंचामृत अभिषेक किया गया। भगवान महाकाल को 1008 बैल पत्र की माला अर्पण कि गई साथ ही भांग, फल, वस्त्र चंदन से श्रृंगारित बाबा ने भक्तों को दर्शन दिए।

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उज्जैन में लगातार हो रही बारिश के बाद भी यहां श्रद्धालुओं का तांता सुबह 4 बजे से लगना शुरू हो गया। द्वार खुलते ही बाबा का धाम जयकारों से गूंज उठा। आज शाम को बाबा लाव लश्कर के साथ मंदिर प्रांगण से पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे और प्रजा का हाल जानेंगे। कोरोना के चलते श्रद्धालुओं के प्रवेश पर इस वर्ष भी प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालु सोमवार के दिन सुबह 5 बजे से 1 बजे तक और शाम 7 से 9 बजे तक सिर्फ प्री बुकिंग के माध्यम से ही दर्शन कर पाएंगे। 251 रुपए वाला दर्शन का काउंटर भी बंद रहेगा। कोरोना काल के चलते पिछले साल की तरह इस साल भी श्राद्धलुओं की सुरक्षा के चलते सवारी मार्ग लोगों के लिए बंद हैं। सवारी मंदिर के एप और सोशल मीडिया पर लाइव रहेगी। इसे घर बैठे http://www.mahakaleshwar.nic.in वर्चुअल देख सकते हैं।

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इसी के साथ सावन के दूसरे सोमवार को देवास के प्राचीन बिलावली स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भीड़ नजर आई जहां भक्तों ने भगवान शिव को जल-बिल्वपत्र अर्पित कर पूजा अर्चना की। बिलावली में भगवान महाकालेश्वर मंदिर को उज्जैन के बाबा महाकाल का स्वरूप माना जाता है। यहां लोगों की मान्यता है कि हर शिवरात्रि पर यह शिवलिंग तिल जितना बढ़ता है।

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