विकास के दावों की पोल खोलती हकीकत, यहां श्मशान घाट तक पहुंचने के लिये करनी पड़ती है कड़ी मशक्कत

मामले पर कई वर्षों से ग्रामीणों ने आला अधिकारियों से पुल निर्माण की मांग की है। लेकिन अब तक कोई निराकरण सामने नहीं आया है।

सीहोर, अनुराग शर्मा। एक ओर जहां बारिश की बेरुखी का दौर जारी है तो वहीं दूसरी ओर गांव के नालों में बारिश के दौरान कमर तक गहरा पानी भर जाता है। जिसके चलते ग्रामवासियों को परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसा ही एक मामला श्यामपुर तहसील के ग्राम रावण खेड़ा में देखने को मिला जहाँ थोड़ी ही बारिश ने ग्राम के विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी।

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यहां गांव वालों को किसी की मृत्यु होने पर उसकी अर्थी को शमशान तक ले जाने के लिये भारी मशक्कत और जान जोखिम में डालकर शमशान तक ले जाना पड़ता है। दरअसल किसी की मृत्यु होने पर ग्रामवासी अर्थी को शमशान तक ले जाते हैं लेकिंन इस बीच रास्ते में पड़ने वाले नाले में बारिश की वजह से 3 फ़ीट से अधिक पानी भर गया जिसके चलते ग्रामवासियों को नाला पर कर के लिये भारी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अर्थी लेकर नाला पार करना अपनी जान जोखिम में डालने जैसा होता है। हालांकि इसपर गांव वालों की कई वर्षों से मांग है कि इस नाले पर पुल का निर्माण किया जाए पर जिम्मेदार ग्रामवासियों की इस मांग की एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देते हैं। नतीजन गांव वालों की समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है।