भाजपा-कांग्रेस के कद्दावर नेताओं ने निकाय चुनाव नहीं लड़ने का मनाया मन

- तीसरा मोर्चा बढ़ा सकता है परेशानियां, आप और बसपा भी सक्रिय

सीहोर,अनुराग शर्मा। सीहोर (sehore) नगरीय निकाय चुनाव में इस बार भाजपा और कांग्रेस (bjp congress leaders) के कद्दावर नेताओें के मैदान में नहीं रहने के कारण उनके समर्थकों में भी मायूूसी है। इसके कारण न तोे समर्थक चुनावी मैदान में नजर आ रहे हैं और न ही उनकी कोई दिलचस्पी दिखाई दे रही है। ऐसे में चुनावी माहौैल भी अब तक सिर्फ दावेदारों तक ही सीमित है।

सीहोर नगर पालिका का चुनाव अब तक बेहद दिलचस्प हुआ करता रहा है, लेकिन इस बार चुनावी माहौल ठंडा है। दरअसल इस बार भाजपा-कांग्रेस के कद्दावर नेताओें ने नगर पालिका चुनाव नहीं लड़ने का मन बनाया है। भाजपा नेता जसपाल अरोरा, नरेश मेवाड़ा, रूपेश पटेल सहित कांग्रेस के दिग्गज नेता राकेेश राय, राहुल यादव इस बार नगर पालिका के चुनाव मैदान में बतौर प्रत्याशी नजर नहीं आएंगे। ये सभी नेता पहले ही चुनाव लड़ने का मना कर चुके हैैं। ऐसे में इनके समर्थकोें मेें भी मायूसी है कि उनके नेता ही चुनाव नहीं लड़ रहे हैैं तोे फिर चुनाव में किसका प्रचार-प्रसार करें।

पर्दे केे पीछे से करेंगे समर्थन
सीहोर में भाजपा की राजनीति जसपाल अरोरा, सुदेश राय एवं सन्नी महाजन परिवार के इर्द-गिर्द ही रही है। इसी प्रकार कांग्रेस की राजनीति भी पूर्व विधायक रमेश सक्सेना, राकेश राय, बलवीर सिंह तोमर, राहुल यादव के इर्द-गिर्द ही है। रमेश सक्सेना पहले भाजपा में थेे, लेकिन अब वे कांग्रेस मेें हैैं। इस बार नगर पालिका के चुनाव में जसपाल अरोेरा, राकेश राय एवं रमेेश सक्सेना का भी ज्यादा हस्तक्षेप नहीं हैं। यही कारण है कि चुनावी माहौल भी अब तक निरश ही है। हालांकि पर्दे के पीछे से इनका समर्थन उनके समर्थक जो चुनावी मैदान में रहेंगे, उनको जरूर मिलेगा।

पहले लगा रहता था जमघट, लेकिन अब है सुनसान
नगर पालिका चुनाव में दिग्गज नेताओं के मैदान में नहीं होने से अब इनके बंगलों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है। पहले चुनावी कवायद के साथ ही सुबह से समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं का जमघट इनके बंगलों पर लग जाता था, लेकिन अब ऐसी स्थितियां नहीं हैं। अब ज्यादातर समय सन्नाटा ही पसरा रहता है।