Christmas Day 2019: एमपी के 150 साल पुराने चर्चा में खास अंदाज़ में मनाया जाता है क्रिसमस-डे

सीहोर। अनुराग शर्मा। 

ईसाई धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार क्रिसमस डे  आज है। इस दिन ईसाई धर्म के संस्थापक ईसा मसीह का जन्म हुआ था। क्रिसमस शब्द का जन्म “क्राइस्टस मास” से हुआ है। क्रिसमस डे पूरे विश्व में 25 दिसंबर को मनाया जाता है।

क्रिसमस डे के अवसर पर हम आपको सीहोर के ऐतिहासिक ऑल सेंट्स चर्च के बारे में बताने जा रहे हैं। ऑल सेंट्स चर्च सीहोर में सीवन नदी के किनारे स्थित है। यह चर्च मध्य प्रदेश का एक ऐतिहासिक चर्च है इसका निर्माण ब्रिटिश शासनकाल मैं सन 1868 में सीहोर में पदस्थ पोलिटिकल एजेंट जे डब्लू ओसबोर्न ने कराया। इसी प्रकार का चर्च स्कॉटलैंड में था लाल पत्थरों का यह चर्च मध्य भारत का पहला चर्च था। यह चर्च सीहोर जिले की एक महत्वपूर्ण आकर्षक इमारतों में से एक है इस चर्च में ब्रिटिश काल के फौजी अधिकारी प्रार्थना हेतु एकत्रित होते थे क्योंकि सीहोर तत्कालीन ब्रिटिश शासन की छावनी थी यह चर्च पुरातत्व विभाग द्वारा संग्रहित इमारतों की सूची का एक हिस्सा है यह चर्च अपनी भव्यता एवं सौंदर्य के कारण पूरे प्रदेश के आकर्षण का केंद्र है।

खास लकड़ी से बनी हैं चर्च की बैंच

सीहोर का यह चर्च पत्थर का बना हुआ है चर्च की बेंचस ऐसी लकड़ी से निर्मित हैं जो करीब 152 वर्ष बाद भी यथास्थिति में है। इसकी बैठक संख्या करीब 100 लोगों की है चर्च परिसर का क्षेत्रफल एक एकड़ है । चर्च व्यवस्था एवं रखरखाव का कार्य चर्च कमेटी करती है। इस चर्च की ख्याति सुनकर ब्रिटिश पोलिटिकल एजेंट की पांचवी पीढ़ी के इंग्लैंड निवासी बैरिस्टर निकोलसन तथा उनकी बैरिस्टर पत्नी अलेक्जेंड्रिया ने 2004 में सीहोर आकर अपने परदादा द्वारा निर्मित चर्च के दर्शन किए और उसे देख कर वह दोनों बहुत खुश हुए ।वास्तव में यह चर्च सीहोर की आस्था और अध्यात्म की अमूल्य निधि है।

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