VIDEO : मध्यप्रदेश के पटवारियों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान

शिवराज ने कहा कि अब नामांतरण और सीमांकन के लिए भी आपको दफ्तरों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। यह व्यवस्था भी अब ऑनलाइन (Online) की जा रही है।

सीहोर, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने काम को लेकर लापरवाही बरतने पर पटवारियों (Patwari) को चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रत्येक पटवारी को अपने हलके की ग्राम पंचायत मुख्यालय (Gram Panchayat) पर सप्ताह में दो दिन सोमवार (Monday) और गुरुवार (Thursday) को दिनभर रहना होगा। जहां इस आदेश पर अमल नहीं हुआ, वहां सख्त कार्रवाई की जायेगी।

दरअसल, आज सीहोर जिले (Sehore District) की बुधनी विधानसभा पहुंचे शिवराज ने कहा कि अब नामांतरण और सीमांकन के लिए भी आपको दफ्तरों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। यह व्यवस्था भी अब ऑनलाइन (Online) की जा रही है।अब फसलों की क्षति का आकलन अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से किया जायेगा, ताकि मानवीय भूल-चूक की आशंका समाप्त हो जाये।

किसानों को कहीं भटकने की जरुरत नहीं

सीएम ने कहा कि खसरे की नकल, नक्शे की कॉपी के लिए किसानों को अब कहीं चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। समस्त भू-अभिलेख ऑनलाइन कर दिये जायेंगे और इंटरनेट (Internet) के माध्यम से नागरिकों को नकल प्राप्त करने की सुविधा होगी। खराब हुई फसलों के सर्वे के लिए अब किसानों को भटकने की जरूरत नहीं होगी। खेत में जाये बिना आधुनिक तकनीक के माध्यम सर्वे का कार्य पूरा किया जायेगा, ताकि किसानों को न्याय मिल सके।

कृषि भूमि पर काबिज किसानों को पट्टे देगी सरकार

सीएम ने कहा मेरी बहनें घर का काम करते हुए कम से कम 10 हजार रुपये महीना कमा सकें, इस लक्ष्य के लिए मैं काम कर रहा हूं। अपनी बहनों को सशक्त बनाकर #AatmaNirbharMP के निर्माण के स्वप्न को साकार करूंगा। स्वामित्व योजना के अंतर्गत गांव की जमीन का सर्वे करवाकर उसका मालिकाना हक आपको दिया जायेगा। इस मालिकाना हक के आधार पर आप अपनी जमीन और मकान पर लोन भी ले सकेंगे।

 स्वसहायता समूह की बहनों की आय बढाने का काम करेगी सरकार

शिवराज ने कहा कि मेरे भांजे-भांजियों, तुम मन लगाकर पढ़ो। गरीब परिवारों के हर मेधावी बच्चे की उच्च शिक्षा की फीस हमारी सरकार भरवायेगी। मेरे बच्चों, तुम्हारे सपनों की राह में आर्थिक बाधा नहीं आने दूंगा।मैं अपनी स्वसहायता समूह की बहनों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मेरी बहनें बच्चों का गणवेश बनायेंगी। पोषण आहार बनायेंगी। मेरी बहनें आर्थिक रूप से सशक्त बनें, इसमें कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।

लव जिहाद को चलने नही दूंगा, सभी योजनाएं फिर से शुरु

वही लव जिहाद कानून को लेकर कहा कि बेटियों को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले, धर्मांतरण का कुचक्र रचने वालों की खैर नहीं। प्रेम की आड़ में हम मध्यप्रदेश की धरती पर लव जेहाद को नहीं चलने देंगे।कमलनाथ सरकार ने अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया था। बच्चों की फीस और डिलीवरी का भी पैसा रोक दिया। मैं वापस आ गया हूं, सभी कल्याणकारी योजनाओं को फिर से प्रारम्भ कर दिया है। अब बच्चों की फीस भरवाने के साथ बहनों को लड्डू का भी पैसा मिलेगा।