अतिथि शिक्षकों ने खून से लिखे पोस्ट कार्ड मुख्यमंत्री को भेजे

सीहोर। सर हमें अजेंट में गुरूजियों की तरह परमानेंट कर दिजीए, सीएम सर हमें टेंशन मुक्त कर दिजीए आखिर कबतक हम गेस्ट टिचर बनकर बच्चों को पढाएंगे, बच्चे भी हमें अतिथि कहते है सर हमें नियमिति शिक्षक का दर्जा दे दिजीए उक्त बात अतिथि शिक्षकों ने सोमवार को अपने खून से लिखे एक हजार पोस्टकार्ड पर लिखी और मुख्यमंत्री कमलनाथ को डाकघर से पोस्ट कर दिए। 

अतिथि शिक्षकों की एक सूत्रीय मांग नियमितिकरण है। अतिथि शिक्षक बीते दस सालों से नियमितिकरण की आस लगाए बैठे है। रविवार से सोमवार सुबह से दोपहर तक अतिथि शिक्षकों ने एक हजार के करीब पोस्ट अपने शरीर से खून निकालकर लिखे। कलेक्ट्रेट के सामने बीते सात दिनों से धरने पर बैठे अतिथि शिक्षक अनवर अहमद कुरैशी ने बताया की नियमितिकरण की मांग को लेकर संयुक्त अतिथि शिक्षक संघ के आहवान पर संपूर्ण मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। आंदोलन के क्रम में रविवार को सैकड़ों अतिथि शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट गेट के सामने धरना स्थल पर अपने खून से मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम पोस्टकार्ड लिखे। जिस में उन्होने सीएम और शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी से वचन निभाने और अतिथि शिक्षकों को नियमिति कर शिक्षक का स्थाई दर्जा देने की मांग की। 

कलेक्ट्रेट के सामने भूखे रहकर धरना प्रदर्शन कर रहे है प्रशासन और सरकार कोई भी सुध नहीं ले रहीं है। उन्होने बताया की अतिथि शिक्षकों का नियमितिकरण गुरूजियों की तर्ज पर हो सकता है लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। खून से पोस्ट कार्ड पर नियमित  सुनने को तैयार नहीं है। खून से पोस्ट कार्ड पर नियमितिकरण करने की मांग लिखने  लिखने वाले  में जिला मुख्यालय सहित इछावर,श्यामपुर, दोराहा, अहमदपुर, बिलकिसगंज, सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों के अतिथि शिक्षक शामिल रहे।