पति ने दिया तीन तलाक, दारुल इफ़ता जैरे एहतेमाम मसाजिद कमेटी ने तलाक को दी स्वीकृति

सीहोर, अनुराग शर्मा। तीन तलाक (teen talaq) पर सख्त कानून बनने के बाद भी देश में कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में खंडवा जिले में पति ने पत्नी को तीन तलाक देकर नवजात बच्चे समेत महिला को घर से बाहर निकाल दिया था। अब ऐसा ही मामला सीहोर में सामने आया है जहां मोहम्मद तौसिफ ने तीन बार तलाक बोलकर पत्नी को घर से निकाल दिया। मुस्लिम विवाह संरक्षण कानून लागू होने के बाद संभवत: सीहोर में तीन तलाक का यह पहला मामला है।

25 साल की पत्नि सदफ के दो नन्हे बच्चे हैं, एक 4 साल का बेटा और दूसरी ढाई साल के बेटी गोद में है। घरवालों का कहना है कि उसका पति मोहम्मद तौसीफ दहेज की मांग करता था और पत्नी से मारपीट भी करता था। दहेज की मांग को लेकर ही दो सप्ताह पहले मोहम्मद तौसीफ ने सदफ को तीन तलाक दे दिया। जिसे कानून की मान्यता ही नहीं है उस तलाक के दम पर उसने पत्नी को घर से निकाल भी दिया। मामला तब और गंभीर हो गया जब पति का साथ देते हुए दारुल इफ़ता जैरे एहतेमाम मसाजिद कमेटी भोपाल ने एक फतवा भी जारी किया है, जिसमें इस तलाक को स्वीकृति दे दी गई है। फतवे में स्पष्ट लिखा है कि श्रीमती सदफ को तलाक दे दिया गया है, अब इनका रिश्ता खत्म हो चुका है।

पति की प्रताड़ना और फिर तीन तलाक के बाद अब पीड़ित महिला तलाक के कागजात के साथ एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंची तो वहां मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण बिल के तहत प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। जबकि वो बार-बार गुहार लगाती रही कि  कानून के तहत तलाक को निरस्त किया जाये। लेकिन पुलिस के मुताबिक अभी मध्यप्रदेश में इसका नोटिफिकेशन नहीं हुआ है इसलिए थाना प्रभारी नलिन बुधौलिया ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर पति द्वारा प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज कर लिया है और विवेचना की जा रही है।

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