MP : चुनाव से पहले अरुण यादव ने पेश की ‘बुधनी विधानसभा’ की ग्राउंड रिपोर्ट, भाजपा में हड़कंप

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भोपाल/सीहोर।

चुनाव से पहले बुधनी कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव मुख्यमंत्री शिवराज को उन्हीं के घर में घेरने की कोशिश में लगे हुए है ।आज यादव ने मुख्यमंत्री के गढ़ में प्रेसवार्ता कर उन पर जमकर हमला बोला है।  इस दौरान यादव ने बुधनी विधानसभा क्षेत्र की पिछली 10 दिन की ग्राउंड रिपोर्ट पर बात की।उन्होंने कहा कि बुधनी में गाय और नौजवान सड़क पर हैं। मुख्यमंत्री प्रचार का प्रोपेगेंडा करते हैं।सीएम के कुछ चहेते ठेकेदारों ने क्षेत्र में भय का माहौल बना के रखा है। आशंका है कि कुछ मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी हो सकती है इसको लेकर निर्वाचन में शिकायत करेंगे। इस रिपोर्ट के बाद भाजपा में हड़कंप मच गया है। सीएम समेत पार्टी नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें है। चुंकी बुधनी सीएम शिवराज का गढ़ है, पिछले 15  सालों से वे यहां से चुनाव लड़ते आ रहे है।

यादव ने मुख्यमंत्री पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि बुधनी की ग्राउंड रिपोर्ट के बारे में आप लोगो को बताना है। नॉमिनेशन के बाद से ही हम फील्ड में जुटे हैं। 200 गांव अब तक 10 दिन में कवर किये हैं।बुधनी को उन्होंने ठेके पर दे दिया है।बुधनी में ट्राइडेंट और वर्धमान जैसे कंपनियों को कम रुपए में वहां के किसानों से जमीन खरीद कर कंपनी को दी गई है। मुझे लग रहा था उनका क्षेत्र 5 स्टार वाला होगा लेकिन आलम इसके उल्टे है। किसानों से ज़ोर जबरदस्ती करके सस्ते दामों पर उनकी जमीन फैक्ट्री मालिक को दे दी बावजूद इसके स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है।  उन्होंने कहा कि जीत तो हम रहें है क्योंकि बुधनी का पूरा जनसमर्थन हमारे साथ है। हम चुनाव जीतने वाले हैं।हमे आपार जनसमर्थन मिल रहा है।  वही उन्होंने बीते दिनों मुख्यमंत्री शिवराज की पत्नी के वायरल वीडियो पर कहा कि भाभी जी के सब विरोध के वीडियो आते हैं तो कहते हैं, हम करवा रहे हैं।

 30  सालों से नही हुआ कुछ विकास

यादव ने बुधनी के विकास पर सवाल खडे करते हुए कहा कि पिछले 30 सालों से शिवराज के क्षेत्र में गांव के गांव कीचड़ से सने हुए है। मुझे दुख होता है कि पिछले 30 सालों से मुख्यमंत्री शिवराज जी वहाँ का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन आज भी वहां सड़के कीचड़ से सनी हैं। मूलभूत सुविधाएं भी बुधनी में नहीं है। आश्चर्य है कि शिवराज के विधानसभा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं पहुंच पाई है।