पंचायत सचिव बोले- तीन माह से नहीं मिला वेतन

सीहोर। अनुराग शर्मा| जनपद पंचायत की 130 ग्राम पंचायतों के सचिवों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इस कारण सचिवों को परिवार का खर्च चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर शुक्रवार को मध्यप्रदेश ब्लाक सचिव संगठन जनपद पंचायत सीहोर के अध्यक्ष लखन लाल गौर के नेतृत्व में पंचायत सचिवों ने सीईओ दिलीप जैन को ज्ञापन सौंपा है।

श्री गौर ने बताया कि प्रदेश के पंचायत सचिवों को सरकार ने कोरोना योद्धा घोषित किया गया है। वेतन बजट आवंटन के अभाव में पंचायत सचिवों को अभी तक तीन माह का वेतन नहीं मिला है। योद्धाओं का कहना है कि 7 दिन में वेतन भुगतान नहीं हुआ तो वेतन नही तो काम नहीं आंदोलन किया जाएगा।
कई सचिवों ने चर्चा में बताया कि प्रशासन को जल्द वेतन जारी करना चाहिए। वहीं सचिवों ने बताया है कि कांग्रेस सरकार गिरने के बाद से ही प्रदेश में भाजपा सरकार आ गई और 100 दिन पूरे होने पर भी ग्राम पंचायत सचिवों को वेतन नहीं दिया गया है। जबकि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान रोकथाम एवं बचाव तथा ग्रामीणों को जागरूक करने हेतू अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने कत्तव्यों का पालन किया गया तथा वर्तिमान में भी ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्राम पंचायत के कार्यालीयन कार्य किए जा रहे है। उन्होंने सचिव संगठन ब्लाक सीहोर की ओर से निवेदन है कि सचिवों की आर्थिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए वेतन भुगतान हेतु आवंटन प्रदाय कराए। इसको लेकर जिले के सभी ब्लाकों में एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। शुक्रवार को जनपद पंचायत में सीहोर ब्लाक की ओर से ज्ञापन सौंपने वालों में ब्लाक अध्यक्ष लखन लाल गौर, नरेन्द्र चतुर्वेदी, चंपालाल परमार, श्रीमती गायत्री गौर और जगदीश जाट आदि शामिल थे।