एमपी में यहां कैदी बना रहे मास्क

सीहोर
कोरोना महामारी से निपटने के लिए जहाँ एक ओर देश के नेता समाजसेवी अभिनेता सहित देश के उद्योगपति अपना अपना योगदान दे रहे है वही जिला जेल के दो बंदी भी संकट की इस घड़ी में अपने हुनर का इस्तेमाल कर इस महामारी से निपटने में अपना योगदान दे रहे है ।

जिला जेल में ताक़रीबन 260 कैदी है जिनमे से 10 महिला कैदी है इन बंदियों में से 2 सजायाफ्ता कैदी रफीक ओर गोपाल जो कि पेशे से टेलर है ने अपने हुनर का इस्तेमाल कर जेल के दूसरे कैदियों के लिए मास्क बनाने की इच्छा जेलर के समान रखी जिस पर जेलर पी एल प्रजापति ने जेल में ही मास्क बनाने के लिए आवश्यक सामग्री का इंतजाम किया दिन भर में दोनों कैदी मिलकर 70 मास्क तैयार कर लेते है तैयार किये मास्क कैदियों को वितरित कर दिए जाते है
बाईट पी एल प्रजापति जेलर जिला जेल कोरोनावायरस से बचने के लिए जेल में बंद कैदी अपने परिजनों से मुलाकात नहीं कर सकते हालांकि परिजन चाहते तो उनसे फोन पर बात करा सकते हैं वही संक्रमण से बचने कैदी भी सुरक्षा का उपाय कर है खुद अपने हाथ से बनाया मास्क का उपयोग कर सक रमण से अपने आप को बचा भी रहे कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने से रोकन जिला जेल में भी बंधुओं से परिजनों की मुलाकात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन आपके दी अपने परिजनों से फोन पर बात कर अपने घर परिवार का हाल-चाल जान रहें है अलग-अलग मामलों में सजा पाने वाले बंदी जेल में रहकर अपनी सजा काट रहा है सजा के दौरान परिजन उनसे मिल हाल-चाल जानते थे लेकिन सप्लीमेंट के खतरे के चलते जिला जेल में बंद कैदियों से मुलाकात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है मुलाकात नहीं होने के कारण कैदियों में परिवार के प्रति चिंता का कारण तनाव बढ़ने लगता है इस समस्या से मुक्ति के लिए जेल मुख्यालय ने सभी जिलों के निर्देश दिया है कि जेल में टेलीफोन की संख्या बढ़ाई जाए ताकि परिचय जेल में बंद उनके रिश्तेदारों से बात कर सके